Home > #Megha Poetry
-
मेरे शब्द मेरी कविता– मैं मानती हूं एक मर्द स्त्री से ज्यादा होता है
लिखती हूं दिल से और होती है कुछ सच्चाई माना बेटा बेटी बराबर मैं लेकिन कुछ बाते उनकी जो तली नहीं जा...
14 March 2023 7:59 AM IST
-
मेरे शब्द मेरी कविता– हां मुझको मोहब्बत हुई थी करता हूँ स्वीकार मैं,
प्यार नहीं करती हूं किसी से, बस प्यार को बखूबी जानती हूं। मेरे शब्दों में और मेरे वाक्यों में प्यार...
7 March 2023 4:04 PM IST
-
मेरे शब्द मेरी कविता– हम अपने टूटे हुए रिश्ते को कुछ इस तरह से निभाएंगे
तुम ही कहती थी हम अपने टूटे हुए रिश्ते को कुछ इस तरह से निभाएंगे।हम आपसे दूर होकर भी आपको हर बार याद...
28 Feb 2023 7:46 PM IST
-
मेरी लफ्जों, मेरी कविता– प्यार का एक सबक ऐसा भी होता है,
प्यार का एक सबक ऐसा भी होता है, यदि किसी का मकसद हमको पता होता है,, किसी का हमसे मतलब...
11 Feb 2023 6:12 PM IST
-
मेरी कविता– नहीं हैं मुझको उससे प्यार तो क्यों मैं स्वीकार करूं।
नहीं हैं मुझको उससे प्यार तो क्यों मैं स्वीकार करूं।क्यों उससे झूठे वादे कर, क्यों उसके आंसू...
8 Feb 2023 7:38 PM IST