UP के पूर्व मंत्री को मिली उम्रकैद की सजा
तीनों आरोपियों के ऊपर दो-दो लाख रुपए का जुर्माना करते हुए उन्हें अर्थदंड से भी दंडित किया गया है;
लखनऊ। एमपी-एमएलए कोर्ट की ओर से गैंगरेप के मामले में दोषी करार दिए गए उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री रहे गायत्री प्रसाद प्रजापति समेत तीन लोगों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। तीनों आरोपियों के ऊपर दो-दो लाख रुपए का जुर्माना करते हुए उन्हें अर्थदंड से भी दंडित किया गया है।
शुक्रवार को राजधानी लखनऊ में जिला एवं सत्र न्यायाधीश अदालत में एमपी-एमएलए कोर्ट की ओर से समाजवादी पार्टी की सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे गायत्री प्रसाद प्रजापति समेत तीन दोषियों को महिला के साथ गैंगरेप किए जाने के मामले में आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। एमपी एमएलए कोर्ट ने बीते दिनों ही कैबिनेट मंत्री रहे गायत्री प्रसाद प्रजापति समेत तीन लोगों को महिला से दुष्कर्म किए जाने का दोषी करार दिया था। अदालत की ओर से जिन अभियुक्तों को सजा सुनाई गई है उसमें सपा सरकार के दौरान कैबिनेट मंत्री रहे गायत्री प्रसाद प्रजापति के अलावा उसका साथी आशीष शुक्ला एवं अशोक तिवारी शामिल है। कोर्ट की ओर से इन तीनों को भारतीय दंड संहिता की धारा 376 डी एवं 5 जी- 6 पॉक्सो एक्ट में दोष सिद्ध किया गया था। सजा के प्रश्न पर सुने जाने के लिए सभी आरोपियों को 12 नवंबर के लिए अदालत ने जेल से तलब किया है। दूसरी ओर अदालत ने इसी मामले में अमरेंद्र सिंह उर्फ पिंटू सिंह, विकास वर्मा, चंद्रपाल एवं रुपेश्वर उर्फ रुपेश को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया था। इन सभी आरोपियों के खिलाफ पुलिस ने अदालत के समक्ष आरोप पत्र दाखिल किया था। मामले में रिपोर्ट दर्ज होने के बाद से आरोपी गायत्री प्रसाद प्रजापति, अशोक तिवारी, अमरेंद्र सिंह उर्फ पिंटू सिंह, विकास वर्मा ,चंद्रपाल रूपेश्वर उर्फ रूपेश तथा आशीष कुमार जेल में बंद रहे।
अभियोजन की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता सच्चिदानंद राय एवं विशेष अधिवक्ता रमेश कुमार शुक्ला का तर्क था कि इस प्रकरण की रिपोर्ट चित्रकूट की रहने वाली महिला द्वारा 18 फरवरी 2017 को राजधानी के गौतम पल्ली थाने पर दर्ज कराई गई थी। रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि सभी आरोपियों ने उसके साथ सामूहिक दुराचार किया तथा उसकी नाबालिग बेटी के साथ भी दुराचार करने का प्रयास किया।