पुलिस का सामजिक गुडवर्क- टूट चुके पति पत्नी के रिश्तों को कर दिया बहाल
शाहपुर थाना प्रभारी कर्मवीर सिंह के इस प्रयास को शाहपुर क्षेत्र में उनके गुड वर्क के तौर पर देखा जा रहा है।;
शाहपुर। पुलिस जब गुड वर्क करती है तो जिसको जेल भेजती है वह और उसके परिवार के लोग पुलिस को कटघरे में खड़ा करते हैं तो दूसरी तरफ पीड़ित पुलिस की कार्रवाई को जायज ठहराते है लेकिन कभी-कभी ऐसा भी होता है कि दोनों पक्ष ही पुलिस की तारीफ भी करते हैं। ऐसा ही हुआ मुजफ्फरनगर जनपद के थाना शाहपुर पुलिस के बारे में, जब पुलिस ने पूरी तरह से टूट चुके पति पत्नि के रिश्तों को कभी गर्म तो कभी नरम अंदाज से समझा कर फिर से जोड़ने का काम किया है।
पति-पत्नी के विवाद में आजकल देखने को मिलता है कि दोनों पक्ष महिला थाने एवं फैमिली कोर्ट के चक्कर लगाते लगाते थक जाते हैं। जिसकी वजह से कभी-कभी रिश्ते टूट भी जाते हैं। जब पति पत्नी संबंधी विवाद थाने में पहुंचते हैं तो अक्सर थाना पुलिस उन्हें महिला थाना भेज देती है। जब महिला थाने में मध्यस्थता से मामला नहीं सुलझता है तो प्रकरण को फैमिली कोर्ट में भेज दिया जाता है। जहां अक्सर देखने में आता है कि एक दूसरे के पर हर बार लगाए गए आरोपों से दोनों के मन खिन्न हो जाते हैं और पति पत्नी का रिश्ता टूट जाता है। मगर मुजफ्फरनगर जनपद के शाहपुर थाने के प्रभारी कर्मवीर सिंह के पास जब दो इस तरह के मामले आए तो उन्होंने महिला थाने भेजने के बजाय खुद ही दोनों पक्षों को कभी नरम तो कभी गर्म अंदाज में समझाते हुए सालों से बिगड़े पति पत्नी के विवाद का समाधान कर दिया है। शाहपुर थाना प्रभारी कर्मवीर सिंह के इस प्रयास को शाहपुर क्षेत्र में उनके गुड वर्क के तौर पर देखा जा रहा है।
दरअसल शाहपुर थाना क्षेत्र के गांव कसेरवा के नूर मोहम्मद की पुत्री की शादी मुजफ्फरनगर शहर में हुई थी। शादी के बाद उनकी बेटी ने पुत्र को जन्म दिया। शादी के कुछ दिनों बाद पति पत्नी के बीच विवाद हुआ तो नूर मोहम्मद की बेटी अपने मासूम बच्चे को लेकर अपने मायके आ गई। पति पत्नी के बीच बढे विवाद में कई बार पंचायतें भी हुई लेकिन मामला सुलझ नहीं सका। इसी बीच नूर मोहम्मद ने अपने एक रिश्तेदार खतौला गाँव के पूर्व प्रधान जान मोहम्मद को अपनी समस्या से अवगत कराया। यह लोग शाहपुर थाने में थाना प्रभारी कर्मवीर सिंह के पास प्रार्थना पत्र लेकर पहुंच गए। नूर मोहम्मद की समस्या सुनने के बाद थाना प्रभारी करमवीर सिंह ने उनको समझाया कि पुलिस केस से मामला बिगड़ भी सकता है अगर आप चाहो तो आपसी सहमति से इस मामले को सुलझाने का प्रयास कर सकता हूं। इस पर नूर मोहम्मद की हां के बाद थाना प्रभारी करमवीर सिंह ने नूर मोहम्मद की बेटी के ससुराल वालों को फोन किया और एक निश्चित तारीख तय करते हुए उन्हें शाहपुर थाने पर बुलाया। थाना प्रभारी ने दोनों पक्षों के बीच उपजे विवाद को सामाजिक तौर पर लेते हुए इस तरह सुलझाया की लड़की के ससुराल वाले लड़की को ले जाने पर राजी हो गए और 3 साल से अपने छोटे बच्चे के साथ अपने पति के साथ रहने की तमन्ना से नाउम्मीद हो गयी नूर मोहम्मद की बेटी हंसी खुशी अपने ससुराल विदा हो गई।
इसके साथ ही शाहपुर थाना क्षेत्र के ही गांव खतौला के मेहरबान की बेटी की शादी मुजफ्फरनगर के ही पुरकाजी कस्बे में हुई थी। साल 2012 में हुई शादी के बाद इस परिवार में एक बेटी और एक बेटे ने जन्म लिया लेकिन मेहरबान की बेटी का ससुराल में कलह बढ़ता गया। विवाद के बाद से 2 साल से मेहरबान की बेटी अपने मायके में समाज के बीच लगातार खुद के फैसले के लिए चल रही पंचायतों से मायूस हो गई थी। बताया जाता है कि पंचायत में दोनों पक्षों को अलग अलग रहने का फैसला मंजूर हो गया था। मेहरबान की बेटी ने उम्मीद छोड़ दी थी कि वह वापस अपने ससुराल जा पाएगी। पंचायत में फैसले में 6 लाख रूपये शादी में खर्च के मानते हुए लड़के पक्ष को देने तय कर लिए गए थे। 19 जनवरी 2023 को अलग-अलग रहने पर लिखा पढ़ी होनी थी लेकिन 1 जनवरी को ही मेहरबान की बेटी की ससुराल से फोन आया कि उन पर भी पैसों का इंतजाम नहीं है।
इसमें कुछ टाइम लगेगा जब मेहरबान की लड़की को लगा कि अब पंचायत से हल नहीं निकलेगा तो उसने महिला हेल्पलाइन 1090 पर कॉल कर अपनी समस्या बताई जब मेहरबान की बेटी ने 1090 पर कॉल की तो उनको बताया गया है कि शाहपुर थाने को आपकी समस्या से अवगत करा दिया गया है। आप थाना शाहपुर पर चले जाइए। लड़की का पिता खेत में थे तो लड़की ने अपने परिजनों को साथ लिया और थाना शाहपुर पर जाकर थानाध्यक्ष कर्मवीर सिंह से मिली और अपनी समस्या से अवगत कराया। मेहरबान की बेटी की समस्या को जानकर शाहपुर थाना प्रभारी करमवीर सिंह ने उसे अपने पिता के साथ आने को कहा। पिता पुत्री की पूरी कहानी सुनने के बाद थाना प्रभारी कर्मवीर सिंह ने लड़की के ससुराल वालों को फोन कर थाने पर बुलाया और उनको दोनों पक्षों के बीच नाराजगी को दूर करते हुए लड़के पक्ष को राजी कर लिया की वो लड़की को अपने साथ ले जाएंगे और हुआ भी वही शाहपुर पुलिस के सहयोग से मेहरबान की बेटी अपनी ससुराल चली गयी।