फ्लैशबैक- जब SSP से सिपाही ने मांगी थी रिश्वत- फिर IPS ने कर दिया था..
अपनी इटावा तैनाती के दौरान वैभव कृष्ण भ्रष्ट पुलिस जनों की खासी बैंड बजा चुके है।;
इटावा। पूर्वी उत्तर प्रदेश के बलिया में वसूलीखोर पुलिसकर्मियों पर गाज गिराने वाले आईपीएस अधिकारी अपराधियों पर सख्ती बरतने के साथ साथ विभाग में भ्रष्ट आचरण वाले पुलिसकर्मियों को भी कतई बर्दाश्त नहीं करते और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करने में कतई विलंब नहीं करते हैं।
वैभव कृष्ण बलिया जिले में पुलिस रेड के बाद देश भर में चर्चा में बने हुए है लेकिन बहुत कम लोगों को यह बात पता होगी कि अपनी इटावा तैनाती के दौरान वैभव कृष्ण भ्रष्ट पुलिस जनों की खासी बैंड बजा चुके है।
आजमगढ़ में डीआईजी के रूप में तैनात आईपीएस वैभव कृष्ण इटावा में साल 2017 में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रह चुके है। 2010 बैच के आईपीएस अधिकारी वैभव कृष्ण मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के रहने वाले है।
अपनी तैनाती के समय वैभव कृष्ण ने खनन माफियाओं के साथ साथ भ्रष्ट पुलिस जनों के अलावा परिवहन विभाग के अधिकारियों के खिलाफ बड़ा अभियान चलाया था। पांच अगस्त 2017 को एसएसपी वैभव कृष्ण ने तत्कालीन परिवहन मंत्री स्वतंत्र देव सिंह के निर्देश पर चंबल नदी के पुल पर खोली गई चेकपोस्ट से ओवर लोड बालू भरे वाहनो के निकालने को लेकर छह पुलिसकर्मियो को निलंबित कर दिया था और एआरटीओ प्रवर्तन के खिलाफ जांच की सिफारिश की थी।
उन्होने खनन चौकी चेक पोस्ट पर तैनात कोतवाली के हेड कांस्टेबल महेश कुमार, फ्रेंड्स कालोनी थाना के सिपाही जितेन्द्र कुमार, सिविल लाइन थाना सिपाही चन्द्रवीर सिंह, पछायगांव थाना सिपाही जयकिशोर, जसवंतनगर थाना सिपाही अजय कुमार तथा इकदिल थाने के सिपाही गुलाब सिंह को निलंबित किया।
दो अक्टूबर 2017 को एसएसपी वैभव कृष्ण ने बेहद गोपनीय ढंग से की गई कार्यवाही में खनन मफियाओं से मिलीभगत रखने को लेकर बढ़पुरा थाना प्रभारी दिनेश सिंह, उदी चौकी इंजार्ज शशांक दुबे, सहसो थाना प्रभारी मनोज परमार, हनुमंतपुरा चौकी प्रभारी संजय सिंह को निलंबित कर सभी के खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू की गई है।
एक ट्रक में पीआरओ जे.पी.यादव और क्राइम ब्रांच प्रभारी सतीश यादव संग एस एस पी वैभव कृष्ण परिचालक का भेष धर कर उदी मोड़ पर परिवहन के बैरियर पर पहुंचे । रात करीब 12 बजे दो सिपाहियों ने पहले ट्रक चेक किया और फिर पांच हजार रुपये रिश्वत मांगी । एसएसपी वैभव कृष्ण जब ट्रक में बैठकर उदी चेक पोस्ट पहुंचे तो सिपाहियों ने उनसे पांच हजार रुपये की मांग की। थोड़ी देर तक मोलभाव के बाद वह दो हजार पर आ गए लेकिन ट्रक में एसएसपी की जब जानकारी हुई तो सिपाहियों के हाथ पांव फूल गए ।
29 दिसंबर 2017 को एसएसपी वैभव कृष्ण ने खनन माफियाओ के खिलाफ बडी कार्यवाही करते हुए 372 ट्रॅक ओर डंफर पकडे गये है । इस कार्यवाही से खनन विभाग और एआरटीओ ने करीब सवा करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व वसूला। खनन माफियाओ के खिलाफ चलाये गये इस अभियान से इटावा ग्वालियर मार्ग पर ट्रको की वजह से 12 किलोमीटर लम्बा जाम लगा। कार्यवाही के दौरान 10 लोगो को 5 लक्जरी कारो के साथ पकडा गया है जिनको दलाल माना गया ।
18 फरवरी 2018 को एसएसपी वैभव कृष्ण ने इटावा जिले जिले के बढपुरा थाने मे खनन माफिया किस्म के 10 लोगो के खिलाफ चिन्हीकरण करने के बाद भ्रष्टाचार अधिनियम समेत कई गंभीर धाराओ मे मुकदमा दर्ज किया।धारा 419, 420,120 बी, 189 और भ्रष्टाचार निवारण अधिनयम की धारा 8 के तहत दर्ज मुकदमा आज भी अदालत में विचाराधीन बना हुआ है।
19 मार्च 2018 को इटावा में एआरटीओ कार्यालय पर छापेमारी के बाद एआरटीओ प्रशासन हिमांशु जैन और एआरटीओ प्रवर्तन मोहम्मद अजीज की भूमिका की जांच के दायरे मे संदिग्ध पाये जाने के बाद दोनो को गिरफतार कर लिया गया है । इसके अलावा एआरटीओ कार्यालय पर काम करने के वाले प्रदीप गुप्ता उर्फ गुडडा को गिरफतार किया गया है। तीनो के धारा 419, 420 ,467, 468,471, 37, 7/13, 8/14 के अलावा खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
छापेमारी मे उनके कब्जे से करीब 29 लाख रूपये,10 किलो चांदी,2 किलो सोना, कई हजार की तादात मे सरकारी कागजात, प्रिंटर, स्कैनर आदि बरामद किये गये। इस कार्यवाही को देश के किसी भी हिस्से मे हुई कार्यवाही को सबसे बडी कार्यवाही मानी गया।