बिल नहीं लाया जाता तो संसद भवन पर भी होता वक्फ बोर्ड का अधिकार

क्योंकि वर्ष 1970 से ही वक्फ बोर्ड संसद भवन समेत कई अन्य स्थानों पर अपना होने का दावा कर रहा है।;

Update: 2025-04-02 08:21 GMT

नई दिल्ली। लोकसभा में वक्फ बोर्ड संशोधन विधेयक- 2025 पेश करने वाले केंद्रीय संसदीय कार्य एवं अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा है कि यदि सरकार की ओर से यह संशोधन विधेयक नहीं लाया गया होता तो आज जिस संसद भवन में डिबेट हो रही है, वह भी वक्फ बोर्ड की संपत्ति होती। क्योंकि वर्ष 1970 से ही वक्फ बोर्ड संसद भवन समेत कई अन्य स्थानों पर अपना होने का दावा कर रहा है।

बुधवार को लोकसभा में विपक्ष के भारी हंगामा के बीच पेश किए गए वक्फ बोर्ड संशोधन विधेयक- 2025 की जरूरत को लेकर अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री रेल रिजीजू ने कहा है कि विधेयक को लाना बहुत ही जरूरी था, क्योंकि अगर यह संशोधन विधेयक सरकार की ओर से नहीं लाया गया होता तो आज जिस संसद भवन में बैठकर हम डिबेट कर रहे हैं वह भी वक्फ बोर्ड कीसंपत्ति होती।

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि वर्ष 1970 से ही वक्फ बोर्ड संसद भवन समेत देश के कई अन्य महत्वपूर्ण स्थानों पर अपने होने का दावा कर रहा था। वर्ष 2013 में इन स्थानों को डिनोटिफाई कर दिया गया और इससे वक्फ बोर्ड की दावेदारी हो गई।

उन्होंने बताया कि वर्ष 2014 के दौरान जब हम लोग इलेक्शन के लिए मैदान में उतरे थे तो उससे पहले ही वर्ष 2013 में तत्कालीन सरकार की ओर से कुछ ऐसे कदम उठाए जिन्हें देखकर हैरानी होती है।

केंद्रीय मंत्री ने कहा है कि यदि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार क बोर्ड संशोधन विधेयक- 2025 को नहीं लाती तो यह संसद परिसर भी आज वक्फ बोर्ड के हिस्से में होता। क्योंकि वसंत कुंज और दिल्ली एयरपोर्ट समेत कुल ऐसे 123 स्थान है जिन पर वक्फ बोर्ड द्वारा अपना दावा ठोका गया है।

उन्होंने बताया कि एक्ट 108 में कहा गया है कि वक्फ बोर्ड एक्ट किसी भी कानून से ऊपर रहेगा। यदि मोदी सरकार संशोधन बिल को नहीं लाती तो यह संसद परिसर भी वक्फ के हिस्से में होता।

केंद्रीय मंत्री ने स्पष्ट किया है कि संशोधन विधेयक में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है जिसमें मुसलमानों के धार्मिक मामलों में हस्तक्षेप की कोई भी बात हो।Full View

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