एमएसएमई उत्तर प्रदेश के रीढ़ की हड्डी : सतीश महाना
सतीश महाना ने एसोचेम द्वारा आयोजित वेबिनारसे उद्यमियों को सम्बोधित किया ।;
लखनऊ । उत्तर प्रदेश के औद्योगिक विकास मंत्री सतीश महाना ने कहा कि कोविड-19 की वजह से प्रभावित उद्योग जगत को पुनः पटरी पर लाने के लिए सपोर्ट, सस्टेन और इन्वेस्टमेंट पर पूरी तरह फोकस किया जा रहा है। उद्योगपतियों की सुविधा के लिए फैक्ट्री के लाइसेंस रिन्यूवल अवधि को आगे बढ़ाया गया है। इसके अतिरिक्त कई प्रकार के ड्यूज को जमा करने की अवधि में छूट दी गई। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार उद्यमियों के लिए क्रेडिट फ्लो बनाये रखने हेतु केन्द्र सरकार से अनुरोध करेगी। साथ ही चीन से पलायन करने वाली विदेशी कम्पनियों को यहां लाने के लिए ठोस कदम उठाये जायेंगे।
सतीश महाना आज एसोचेम द्वारा आयोजित वेबिनार में उद्यमियों को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम सहित भारी उद्योगों को हर तरह से सहयोग प्रदान कर रही है। इसके अतिरिक्त ग्राउंड बे्रकिंग सेरेमनी में शामिल सभी परियोजनाओं को शुरू कराने का प्रयास किया जा रहा। साथ-साथ नये निवेश लाने पर जोर दिया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी की प्राथमिकता है कि उत्तर प्रदेश में अधिक से अधिक निवेश आये और बड़ी संख्या में रोजगार का सृजन हो। इसके लिए प्रदेश को निवेशकों के लिए देश का पहल गंतव्य बनाने पर विशेष बल दिया जा रहा है। उद्यमियों की सुविधा हेतु लाॅक-डाउन के दौरान 21 प्रकार की सेवाओं को आॅन-लाइन किया गया है। प्रदेश के सभी प्राधिकरणों को भूमि आवंटन के कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिये गये हैं।
वीडियों कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए से उद्यमियों के साथ संवाद करते हुए औद्योगिक विकास मंत्री ने कहा कि कोरोना के वजह बड़ी तादाद में श्रमिक एवं कुशल कारीगर अपने घर वापस आये है, इनको प्रदेश में ही रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि एमएसएमई उत्तर प्रदेश के रीढ़ की हड्डी है। सरकार इनके हैण्ड-होल्डिंग के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार की गाइड लाइन के अनुसार इण्डस्ट्री चलाने की अनुमति दी गई है।
इस अवसर पर एसोचैम के प्रेसिडेंट डॉ निरंजन हीरननंदानी, सीनियर वाइस प्रेसिडेंट विनीत अग्रवाल सहित डॉ ललित खेतान और दीपक सूद ने एक मत के साथ अपने विचार व्यक्त करते हुए राज्य सरकार द्वारा कोविड-19 से बचाव के लिए उठाये गये कदम की प्रसंशा की। उद्यमियों ने कहा कि चीन से 120 कम्पनियां पलायन करना चाहती है, इनको यूपी में लाने के लिए एसोचैम पूरी मदद करेगा। दीपक अग्रवाल ने एमएसएमई को पुनः शुरू करने के लिए जीएसटी को कम करने का अनुरोध किया, वहीं ललित खेतान ने राज्य सरकार से एमएसएमई को बैंक से लोन दिलाने में मदद करने एवं वेयर हाउस एक्टीविटी को शुरू करने की अनुमति देने का अनुरोध किया। इसके अतिरिक्त चार माह के लिए पीएफ फण्ड जमा की छूट प्रदान का आग्रह भी किया गया। ।
सतीश महाना ने उद्यमियों को आश्वस्त करते हुए कहा कि उनके द्वारा दिये गये सुझावों को प्राथमिकता से लिया जायेगा। उद्यमियों को यह नकारात्मक समय को एक अवसर की तरह लेना चाहिए। सरकार उद्यमियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है।