नन्हे फरिश्तों ने थाने जाकर समझी पुलिस की कार्यप्रणाली-प्राप्त किया ज्ञान

पुलिस अधीक्षक दीपक भूकर ने बताया कि पहले पढ़ाई के लिए अच्छे साधन नहीं थे;

Update: 2022-04-25 12:04 GMT

हापुड़। बच्चों को पुलिस की कार्यप्रणाली और कार्यशैली के संबंध में जानकारी देने के उद्देश्य से चलाए गए विशेष अभियान मिशन नन्हे फरिश्ते के अंतर्गत आज स्कूली बच्चों को पुलिस अधीक्षक ने थाना परिसर, बालमित्र पुलिस स्टेशन और कंट्रोल रूम आदि का भ्रमण कराकर उन्हें पुलिस की कार्यप्रणाली एवं अन्य कार्यों के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की।

सोमवार को पुलिस कार्यालय पहुंचे बच्चों ने पुलिस अधीक्षक दीपक भूकर के साथ मुलाकात की और उनसे बातचीत के बाद अक्सर पुलिस को देखकर डरे सहमें रहने वाले छात्र छात्राओं का खाकी के प्रति नजरिया बदल गया। एक समाचार पत्र के कार्यक्रम के अंतर्गत स्कूली बच्चों को पुलिस अधीक्षक कार्यालय का भ्रमण कराया गया। पुलिस अधीक्षक दीपक भूकर ने बताया कि पहले पढ़ाई के लिए अच्छे साधन नहीं थे। छात्र-छात्राएं पैदल ही चलकर स्कूल जाते थे और जमीन पर बैठकर शिक्षा ग्रहण करते थे। जिस तरह की सुविधाएं मौजूदा समय में छात्र-छात्राओं को मिल रही है, उस लिहाज से आप लोग हमारे से भी बेहतर परिणाम दे सकते हैं।


पुलिस अधीक्षक ने बताया कि मोबाइल जितना सुविधाजनक है उतना ही खतरनाक भी है। किसी को भी अपना ओटीपी नहीं बताएं और ना ही किसी लिंक पर लॉगइन करें। पुलिस अधीक्षक दीपक भूकर ने बच्चों को बताया कि एफआइआर को प्रथम सूचना रिपोर्ट कहा जाता है, कोई भी अपराध होने पर सबसे पहले प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराना आवश्यक होता है। इसके बाद जांच करने के पश्चात चार्ज शीट अधिकारियों के पास भेजकर उसे कोर्ट में प्रस्तुत किया जाता है। बच्चों ने कंप्यूटर पर रिपोर्ट दर्ज होने की प्रक्रिया को देखा।

इसके बाद बच्चों को महिला हेल्प डेस्क पर महिला अपराधों की सुनवाई भी दिखाई गई। बच्चों ने थाने की बैरक व हवालात और कार्यालय आदि में भी जाकर वहां की व्यवस्थाएं देखी। इस दौरान सवाल किया गया कि कौन बच्चा पुलिस में भर्ती होकर सेवा करना चाहता है तो एक बच्ची ने कहा कि वह पुलिस बनना चाहती है।

पुलिस अधीक्षक ने छात्र छात्राओं से कहा कि यदि आपके साथ कोई अप्रिय घटना घटित होती है या आपके परिवार में मां, बहन, भाभी अथवा पड़ोस में किसी महिला को कोई परेशानी है तो आप उसकी आवाज बन सकते हैं और पुलिस को जानकारी देते हुए बता सकते हैं। इसलिए अब आपको कुछ भी कहना नहीं है बल्कि अपने परिवार के लोगों को भी यह बात बताएं कि महिलाओं का सम्मान करे।

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