विजिलेंस का छापा- पूर्ति विभाग का इंस्पेक्टर घूस लेते गिरफ्तार
कोतवाली थाने में उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज कराई गई है।;
कानपुर। जिला पूर्ति अधिकारी का नाम लेते हुए₹10000 के रिश्वत ले रहे पूर्ति विभाग के असिस्टेंट कमर्शियल इंस्पेक्टर को एंटी करप्शन यूनिट ने छापामार कार्यवाही करते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। अरेस्ट किए गए कमर्शियल इंस्पेक्टर से पूछताछ के बाद थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
बृहस्पतिवार को एंटी करप्शन यूनिट की ओर से दी गई जानकारी में बताया है कि राजधानी लखनऊ के डिप्टी खेड़ापुर के रहने वाले अभिषेक श्रीवास्तव ने 1 अप्रैल को एंटी करप्शन यूनिट को अपना शिकायती प्रार्थना पत्र देते हुए जानकारी दी थी कि उनकी फर्म अवध एंटरप्राइजेज खाद्य एवं रसद विभाग में पंजीकृत है। फर्म को मंडल आयुक्त कानपुर के अनुमोदन पर वर्ष 2024 की 26 जून को सिंगल स्टेज डोर स्टेप डिलीवरी परिवहन के काम के लिए हैंडलिंग एवं परिवहन का ठेका दिया गया था।
अभिषेक ने बताया कि फर्म द्वारा एफसीआई गोदाम से खाद्यान्न उठाकर कोटेदारों की दुकान तक पहुंचाने का काम किया जाता है। फर्म द्वारा माह फरवरी व मार्च का कार्य पूरा करने के बाद जिला पूर्ति अधिकारी दफ्तर कानपुर में ट्रकों के चलने की दूरी फीड की गई। उसी के हिसाब से होने वाले भुगतान की एवज में जिला पूर्ति दफ्तर में सहायक वाणिज्य इंस्पेक्टर हिमांशु गुप्ता ने उससे ₹100000 की रिश्वत मांगी थी जो जिला पूर्ति अधिकारी के नाम पर मांगी गई थी।
बीते दिन की देर शाम एंटी करप्शन की टीम ने अपना जाल फैलाते हुए असिस्टेंट कमर्शियल इंस्पेक्टर को ₹10000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया।
कोतवाली थाने में उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज कराई गई है। आरोपी को आज अदालत में पेश किया गया है, जहां से उसे जेल यात्रा पर रवाना करदिया गया है।