SD कॉलेज ऑफ लॉ: स्टूडेंट्स को दहेज और नशा मुक्त भारत की दिलाई शपथ दिलाई
दहेज नहीं लेने के साथ साथ नशे से भी दूर रहेंगे और भारत को नशा मुक्त भारत और दहेज मुक्त भारत बनाएंगे ी;
मुजफ्फरनगर। एस. डी. कॉलेज ऑफ़ लॉ में तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की श्रृंखला में आज दूसरे दिन कॉलेज में एक विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया I इस अवसर पर कॉलेज प्राचार्य डॉक्टर रेनू गर्ग ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस को मनाने का एक कारण यह भी है कि भारतीय समाज में नारी की भूमिका क्या हो और आज नारी के जीवन में क्या सुधार आया है यह विश्लेषण करने का दिन है क्योंकि अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की सार्थकता नारी सशक्तिकरण और नारी आत्मनिर्भरता के ऊपर निर्भर है I
इस अवसर पर छात्राओं ने अपने व्यक्तिगत संस्मरण से अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाने के प्रश्न पर कहा कि महिला दिवस एक ही दिन मनाना केवल खाना पूर्ति करना है क्योंकि महिला के अधिकार और उनका सम्मान प्रत्येक दिन की बात है जिससे महिलायें सामाजिक और आर्थिक रूप से सशक्त होती है I
कॉलेज डायरेक्टर मंजू मल्होत्रा ने भी प्राचीन एतिहासिक संस्मरण सुना कर यह कहा कि भारतीय परंपरा में नारी का सदा से सर्वोपरि स्थान रहा हैं इस अवसर पर छात्राओं ने दहेज जैसी सामाजिक कुरीतियों पर बोलते हुए कहा कि इस सामाजिक कुरीति का अंत होना चाहिए और इस संदर्भ में कॉलेज प्राचार्य ने दहेज और नशा मुक्त भारत की शपथ भी दिलाई कि छात्र छात्राएं दहेज जैसी कुरीति से अलग रहेंगे I दहेज नहीं लेने के साथ साथ नशे से भी दूर रहेंगे और भारत को नशा मुक्त भारत और दहेज मुक्त भारत बनाएंगे I
इस अवसर पर कॉलेज के छात्र-छात्राएं और कॉलेज स्टाफ डॉ. मुकुल गुप्त, डॉ. अमित चौहान, डॉ. प्रीति लौर, बबीता गर्ग, पूनम शर्मा, छवि जैन, अमित त्यागी, अमित भारद्वाज, वैभव कश्यप, डॉ. अभिनव गोयल, डॉ. दीपक मालिक, उमेश चंद त्रिपाठी, विपुल कुमार, प्रीति दीक्षित , संजीव कुमार, शुभम सिंघल, विवेक सिरोही और मो. आमिर आदि उपस्थित रहे I