श्रीकृष्ण जन्मस्थान मामले में आया नया मोड़
मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मस्थान की 13.37 एकड़ भूमि पर बनी शाही मस्जिद ईदगाह को हटाने संबंधी दायर किये गए वाद में आज नया मोड़ आ गया;
मथुरा। उत्तर प्रदेश के मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मस्थान की 13.37 एकड़ भूमि के एक भाग पर बनी शाही मस्जिद ईदगाह को हटाने संबंधी दायर किये गए वाद में आज नया मोड़ उस समय आ गया जब तीर्थपुरोहितों की राष्ट्रीय संस्था एवं हिंदुओं तथा जन कल्याण के लिए काम कर रहीे एक संस्था ने जिला न्यायाधीश की अदालत में अलग अलग तरीके से पक्षकार बनने की गुजारिश की है। अदालत ने इसकी सुनवाई के लिए 18 नवम्बर निर्धारित की है।
चार दशक पुरानी अखिल भारतीय तीर्थ पुरोहित महासभा एवं लगभग आठ दशक पुरानी संस्था माथुर चतुर्वेद परिषद ने भगवान श्रीकृष्ण विराजमान की गोपी रंजना अग्निहोत्री आदि द्वारा सुन्नी वक्फ बोर्ड आदि के खिलाफ सितंबर माह में दायर की गई याचिका में पक्षकार बनने का अनुरोध स्वीकार करने अथवा कम से कम उन्हें सुनने का अनुरोध किया है। दोनो की ओर से किये गए अलग अलग अनुरोध में कहा गया है कि उनका सुनना इसलिए भी आवश्यक है जिससे वाद दायर किये गए लोगों द्वारा अदालत को गुमराह करने की कोशिश सफल न हो और अदालत के सामने सही तथ्य पेश हो सकें।
अखिल भारतीय तीर्थ पुरोहित महासभा ने अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष महेश पाठक एवं राष्ट्रीय उपाध्यक्ष नवीन नागर को महासभा का पक्ष रखने के लिए अधिकृत किया है वहीं माथुर चतुर्वेद परिषद ने अपने महामंत्री राकेश तिवारी एवं संजीव चतुर्वेदी को पक्ष रखने के लिए अधिकृत किया है। दोनो ही संगठनो ने अपील को इस आधार पर खारिज करने का अलग अलग अनुरोध किया है कि इससे वैमनस्यता बढ़ेगी क्योकि वाद में कई भ्रामक तथ्य दिए गए है।