केंद्रीय मंत्री से मुलाकात कर मंत्री कपिल ने की योजनाओं पर चर्चा
युवाओं में इनके प्रति आकर्षण पैदा करने के लिए प्रमुख सचिव द्वारा अनेक सुझाव दिए गए।;
नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सरकार के व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास मिशन तथा उधमशीलता मंत्री स्वतंत्र प्रभार कपिल देव अग्रवाल ने केंद्रीय कौशल विकास एवं उधमशीलता मंत्रालय जयंत चौधरी से मुलाकात कर विभाग विभागीय योजनाओं पर गंभीरता के साथ चर्चा की।
शुक्रवार को केंद्रीय कौशल विकास एवं उधमशीलता मंत्री जयंत चौधरी के साथ राजधानी दिल्ली के चाणक्यपुरी स्थित कौशल भवन पहुंच कर उत्तर प्रदेश सरकार के व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास मिशन तथा उद्यमशीलता मंत्री स्वतंत्र प्रभार कपिल देव अग्रवाल ने भारत सरकार द्वारा संचालित योजनाओं पर चर्चा की।
उत्तर प्रदेश सरकार के व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास मिशन तथा उधमशीलता मंत्री स्वतंत्र प्रभार कपिल देव अग्रवाल के साथ कई अन्य अधिकारियों को लेकर कौशल भवन पहुंचे प्रमुख सचिव डॉ हरिओम ने अपने प्रस्तुतीकरण के दौरान उत्तर प्रदेश के २५० राजकीय आई टी आई को भारत सरकार के सहयोग से हब एंड स्पोक मॉडल के आधार पर अपग्रेड किए जाने का प्रस्ताव प्रस्तुत किया।
उन्होंने आकांक्षी जनपदों और बुंदेलखंड क्षेत्र के राजकीय औद्योगिक प्रतिष्ठानों के लिए भारत सरकार से ५०० करोड़ के विशेष पैकेज की मांग की।
अपने प्रस्तुतीकरण के दौरान उत्तर प्रदेश की तरफ़ से प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना, पी.एम.इंटर्नशिप स्कीम, पी.एम. विश्वकर्मा योजना और राष्ट्रीय अपरेंटिसशिप योजना में प्रदेश को पी.आई.ए. का दर्जा देने और राष्ट्रीय योजना पोर्टल पर सीधे एक्सेस का अनुरोध किया।
इन योजनाओं को अधिक प्रभावशाली ढंग से लागू करने और युवाओं में इनके प्रति आकर्षण पैदा करने के लिए प्रमुख सचिव द्वारा अनेक सुझाव दिए गए।
केंद्रीय मंत्री जयंती सिंह चौधरी द्वारा उत्तर प्रदेश सरकार की तरफ़ से प्रस्तुत सुझावों की सराहना की गई और उपस्थित अपने वरिष्ठ अधिकारियों से उन्हें तत्काल लागू करने के निर्देश दिए।
मंत्री कपिलदेव अग्रवाल ने उत्तर प्रदेश के युवा वर्ग को आधुनिक व्यवसायों से जोड़ने के लिए नई तकनीकों में प्रशिक्षित करने के लिए इंडस्ट्री से संवाद और सहयोग को और अधिक बढ़ाने पर बल दिया।