कोर्ट ने सिखाया सबक- बिना वजह लॉकअप में रखने के वेतन से देने होंगे..

नई दिल्ली। पुलिस की कार्यशैली अब उसी के ऊपर भारी पड़ गई है। वर्दी की ताकत का गलत इस्तेमाल करते हुए रस्सी का सांप बनाने वाली पुलिस को अदालत ने सबक सिखा दिया है। बिना वजह पीड़ित को 23 मिनट तक रखने वाले पुलिसकर्मियों को अब अपने वेतन से उसे हर्जाने के तौर पर 50 हजार रुपए देने होंगे।
दिल्ली पुलिस के दो दरोगाओं को एक व्यक्ति को बिना किसी वजह के लॉकअप में रखना अब भारी पड़ गया है। वर्दी का गलत इस्तेमाल करते हुए बदरपुर पुलिस स्टेशन में तैनात दो सब इंस्पेक्टर के वेतन से पीड़ित को 50000 रुपए का मुआवजा देने का हाईकोर्ट द्वारा आदेश दिया गया है।
दरअसल राजधानी की थाना बदरपुर पुलिस को शिकायत मिली थी कि सब्जी काटने वाले चाकू से प्रहार कर एक महिला को घायल कर दिया गया है।
पुलिस जब मौके पर पहुंची तो वहां पर उसे महिला एवं एक व्यक्ति मिला। पुलिस उस व्यक्ति को उठाकर थाने ले गई और उसे लॉकअप में बंद कर दिया। 23 मिनट तक लॉकअप में बंद रखने के बाद पुलिस ने उसे छोड़ दिया।

थाने से छूटकर आया पीड़ित व्यक्ति इस मामले को लेकर सीधा हाईकोर्ट पहुंच गया और अदालत को बताया कि उसे बिना किसी एफ आई आर एवं अन्य प्रक्रियाओं का पालन किए बगैर पुलिस द्वारा हिरासत में लिया गया और फिर लॉकअप में डाल दिया गया।
याचिकाकर्ता का कहना है कि उसे आजादी से वंचित रखा गया। लॉकअप में बिताया गया उसका समय भले ही थोड़ी देर का रहा लेकिन इस वजह से पुलिस अधिकारियों को दोष मुक्त नहीं किया जा सकता है। अदालत ने कहा कि बिना वजह पीड़ित को लॉकअप में रखने वाले दरोगाओं को ऐसी सजा दिया दी जाए कि भविष्य में वह फिर ऐसा नहीं करें। अदालत ने पीड़ित को उठाकर लाकर में बंद करने वाले दो दरोगाओं के वेतन से 50000 रुपए काटकर पीड़ित को देने के निर्देश दिए हैं।