कोर्ट का सुप्रीम फैसला- प्रतिबंधित संगठन का सदस्य होना भी अपराध

नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय की ओर से सुनाये गये एक अहम फैसले में प्रतिबंधित संगठन का सदस्य होना भी अपराध करार दिया गया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि गैरकानूनी संगठन का सदस्य होना ही UAPA के तहत कार्यवाही का आधार बन सकता है।
शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट की ओर से एक अहम फैसला दिया गया है। उच्चतम न्यायालय की ओर से दिए गए इस फैसले के मुताबिक प्रतिबंधित संगठन का सदस्य होना भी अब अपराध माना जाएगा।
अदालत ने कहा है कि गैरकानूनी संगठन का सदस्य होना ही UAPA के तहत कार्यवाही का आधार बन सकता है। सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को दिए फैसले में वर्ष 2011 को दिए गए अपने फैसले को ही पलट दिया है। उच्चतम न्यायालय ने अरुप भुवन बनाम असम सरकार, इंदिरा दास बनाम असम सरकार और केरल सरकार बनाम रनीफ के मामले में दिए गए अपने फैसले में कहा था कि प्रतिबंधित संगठन का सदस्य होना ही गैर कानूनी गतिविधियों में शामिल होने का आधार नहीं बन सकता है।