SC ने केंद्र से कहा 21 तक बताएं जब मामला था लंबित तो क्यों हुई....

नई दिल्ली। केंद्र सरकार की ओर से की गई नए चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति पर रोक लगाने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने नियुक्ति पर रोक से इनकार करते हुए इस बाबत अपनाई गई प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। तीन सदस्यीय बेंच ने कहा है कि जब मामला लंबित था तो नियुक्तियां क्यों की गई? यह बात सरकार को बतानी होगी, इसके लिए 21 मार्च तक का समय दिया गया है।
शुक्रवार को एससी में एसोसिएशन ऑफ डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स की ओर से नए चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति को रोकने की बाबत दाखिल की गई याचिका पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा सुनवाई की गई है।
सुप्रीम कोर्ट ने आयुक्तों की नियुक्ति को रद्द करने से इनकार करते हुए कहा है कि आमतौर पर कानून पर रोक नहीं लगाते हैं लेकिन अदालत ने चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति की बाबत अपनाई गई प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं।
जस्टिस संजीव खन्ना, जस्टिस दीपंकर दत्ता और जस्टिस अगस्टाइन जॉर्ज मसीह की तीन सदस्यीय बेंच ने कहा है कि जब चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति का मामला यहां पर लंबित था तो नियुक्तियां क्यों की गई?
यह बात सरकार को अदालत को बतानी होगी। हम मामले को 21 मार्च के लिए लिस्ट करते हैं। एसोसिएशन ऑफ डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स के अलावा मध्य प्रदेश की कांग्रेस नेता जय ठाकुर ने भी इस मामले को लेकर एक याचिका दायर की थी।