फर्जी दस्तावेजों से चार करोड़ की धोखाधड़ी करने वाला बदमाश चढ़ा हत्थे

फर्जी दस्तावेजों से चार करोड़ की धोखाधड़ी करने वाला बदमाश चढ़ा हत्थे

महोबा। उत्तर प्रदेश मे महोबा जिले की पुलिस ने आज बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए अमानत में ख्यानत के एक प्रकरण मे फर्जी व कूटरचित दस्तावेज तैयार करके 04 करोड़ की धनराशि की धोखाधडी करने वाले बदमाश को गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस अधीक्षक अपर्णा गुप्ता ने बताया कि महोबा कोतवाली क्षेत्र मे क्रेशर व् बोल्डर की खनन कारोबारी बड़ी फर्म के मालिक मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम निवासी रस्मीत सिंह ने बीती 11जनवरी को पुलिस मे एक शिकायत देकर अपने मैनेजर 26 वर्षीय सचिन प्रकाश पर कूटरचित दस्तावेज तैयार करके खनिज विक्रय के करीब 04 करोड रुपये की धोखाधडी कर लिए जाने का आरोप लगाया था। वादी के मुताबिक शिकायत की भनक लग जाने पर आरोपी ने अपने मोबाइल फोन बंद कर लिए थे और फर्म के कार्यालय में रखे 08 लाख 50 हजार रुपये नगद लेकर चोरी की स्विफ्ट डिजायर कार से फरार हो गया। पुलिस ने इस तहरीरी सूचना के आधार पर सदर कोतवाली आरोपी सचिन प्रकाश के खिलाफ आईपीसी की धारा 420,406 का अभियोग पंजीकृत कर साक्ष्य संकलित कर विवेचना शुरू की गई थी।

पुलिस अधीक्षक ने बताया कि इस घटना को बड़ी चुनौती मानते हुए अनावरण के लिए पुलिस की पांच टीम गठित की गयी थी, जिन्होंने क्रमशः हरियाणा के पानीपत, सोनीपत, दिल्ली, मुम्बई तथा लखनऊ के लिये रवाना रवाना होकर आरोपी की तलाश की थी। पुलिस टीमों द्वारा धोखाधडी करने वाले अभियुक्त के सम्बन्ध में कई महत्वपूर्ण साक्ष्यों का संकलन भी किया गया। इसी क्रम मे आज एक सूचना पर पुलिस ने अभियुक्त सचिन प्रकाश को बीजानगर महोबा स्थित उसके किराये के मकान में उस समय दबोच लिया।

ज़ब वह कार से सामान ढोकर ले जा रहा था तभी पुलिस ने मौके पर अभियुक्त की जामा तलाशी मे सम्बन्धित फर्म के कुछ कूटरचित बिल बाउचर बरामद किये है जिसमें विभिन्न तिथियों में अलग .अलग एमाउन्ट का रुपया अंकित है। इसके अलावा उसके पास से 01 लाख 02 हजार 320 रुपये नगद, सोने की 01 अदद चेन व 01 अदद अंगूठी, मोबाइल फोन ,कार और कार के भीतर लैपटॉप और 04 अदद मोबाइल फोन बरामद किये गए है ।

पुलिस अधीक्षक के मुताबिक पुलिस की पूछताछ में आरोपी सचिन प्रकाश ने अपना गुनाह क़ुबूल कर लिया है। सचिन ने बताया है कि धोखाधडी की रकम से उसने शेयर मार्केट में ट्रैड़िंग किया था और अन्य कम्पनियों के शेयर में रुपया लगाया था, जिसमें उसे भारी नुकसान हो गया। इसकी भरपाई के लिये उसके द्वारा कम्पनी की बेची गई रायल्टी का पैसा ग्राहकों से फर्म के खाते में न डलवाकर अपने खाते मे जमा कराता था। इसके लिए अपने लैपटाप से फर्जी कूटरचित बिल बाउचर भी तैयार किये थे जिनमे वह अपना खाता संख्या अंकित कर ग्राहकों को देता था । शनिवार को वह यहां फिर से फर्जी बिल बाउचर तैयार कर ग्राहकों को देने आया था, तभी पुलिस ने उसे दबोच लिया।

वार्ता

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