अपहरण के बाद भतीजे की गला दबाकर हत्या- तीन को उम्रकैद

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सहारनपुर। घर के बाहर खेल रहे बालक का अपहरण करने के बाद उसकी निर्मम हत्या करने और साक्ष्य मिटाने के दोषी पाए गए तीन अभियुक्तों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। अदालत ने तीनों दोषियों पर साढ़े सात लाख रुपए का अर्थ दंड भी लगाया है।

शनिवार को सहायक शासकीय अधिवक्ता नीरज चौहान ने बताया है कि वर्ष 2020 की 24 सितंबर को जनपद के थाना कुतुबशेर इलाके के ढोलीखाल निवासी गयासुद्दीन के 8 साल के बेटे अब्दुल शमी का अपहरण करने के बाद उसकी गला दबाकर हत्या कर दी गई थी। आरोपियों ने बालक के शव को बोरे में भरकर नाले में फेंक दिया था।

इस मामले में गयासुद्दीन ने अपने चचेरे भाई शोएब पुत्र शाहिद और उसके साथियों शादान और शहजाद के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस द्वारा की गई छानबीन में पाया गया कि आरोपी शोएब के साथ बच्चे को देखा गया था।

पुलिस ने शक के आधार पर जब शोएब से पूछताछ की तो उसने बताया कि वह 24 सितंबर की शाम तकरीबन 8:00 बजे बच्चे को उसके घर से बाहर से उठाकर ले गया था। उस समय उसके दो साथी शादान और शहजाद बिजनौर से आए हुए थे। उनके साथ मिलकर उसने बच्चे की गला दबाकर हत्या कर दी और शव को बोरी में बंद करके सपना टॉकीज के पास नाले में फेंक दिया था।

पुलिस ने शोएब, शादान और शहजाद के खिलाफ अपहरण, हत्या, सबूत मिटाने, जलसाजी और कूट रचना की धाराओं में चार्जशीट अदालत में पेश की।

शनिवार को दोनों पक्षों की बहस सुनने के सुनने और पत्रावली पर आए साक्ष्य के आधार पर न्यायाधीश आराधना कुशवाहा ने शोएब, शादान और शहजाद को दोषी पाते हुए तीनों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।

अदालत ने तीनों पर ढाई- ढाई लाख रुपए के अर्थ दंड की भी सजा दी है।

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