दुधमुंही के साथ दुष्कर्म करने वाले दरिंदे को अदालत ने सुनाई उम्रकैद

चित्रकूट। उत्तर प्रदेश में चित्रकूट की एक अदालत ने दुधमुंही बच्ची के दुष्कर्म करने वाले दरिंदे को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
विशेष लोक अभियोजक तेज प्रताप सिंह ने गुरुवार को बताया कि बहिलपुरवा थाने में एक महिला ने 23 जुलाई 2020 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। तहरीर में महिला ने बताया था कि वह अपने पति एवं ससुर के साथ 23 जुलाई 2020 को खेत में धान लगा रही थी और उसकी सास घर में धान के बेड उखाड रही थी। इस दौरान लाइट चली जाने पर ससुर ने उसे घर जाने के लिए कहा। जब वह घर आई और सास अपनी डेढ़ वर्षीय बेटी के बारे में पूंछा तो उन्होंने बताया कि बिटिया यहीं खेल रही थी।
बिटिया को गांव का भगवानदीन समोसा खिलाने के लिए साथ ले गया है। इसके बाद वह भगवानदीन के घर गई तो दरवाजा अन्दर से बंद था। महिला द्वारा जब दरवाजा खट खटाकर खुलवाया गया तो उसकी बेटी अन्दर रो रही थी। वहां से लेकर अपने घर अपने पर जब उसने बेटी को गोद में उठाया तो उसके नाजुक अंग से खून बह रहा था। उसकी 18 माह की बेटी के साथ भगवानदीन ने बलात्कार किया था। पुलिस ने मामले की रिपोर्ट दर्ज करने के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। जो अब तक जेल में बंद है। साथ ही न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया था।
बचाव और अभियोजन पक्ष के अधिवक्ताओं की दलीले सुनने के बाद विशेष न्यायाधीश रेनू मिश्रा ने निर्णय सुनाया। जिसमें दोष सिद्ध होने पर आरोपी भगवानदीन को आजीवन कारावास और पांच हजार रूपए के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया।