शुक्रवार को जमीयत का नहीं है बंद का ऐलान- आराम से खोलें अपनी दुकान

मुजफ्फरनगर। जमीयत उलेमा ए हिंद की जनपदीय इकाई की ओर से साफ किया गया है कि संगठन के सदर हजरत मौलाना सैयद अरशद मदनी की ओर से जुम्मे को बंद का कोई ऐलान नहीं किया गया है। सोशल मीडिया पर चलाया जा रहा बंद का आहवान हकीकत से कोसों दूर है। जिसका जमीयत से कोई मतलब वास्ता नहीं है। जमीयत की ओर से समाज के सभी वर्गों के लोगों से रोजाना की तरह सामान्य तौर पर अपनी दुकानें खोलने का आह्वान किया गया है।
बृहस्पतिवार को सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्म के ऊपर जमीयत की नाम से प्रसारित हो रहे बंद के आह्वान को लेकर जमीयत उलेमा ए हिंद के पदाधिकारियों मौलाना नजर मोहम्मद कासमी, मौलाना कासिम कासमी, मौलाना मुकर्रम अली कासमी, मौलाना खालिद जाहिद, हकीम उम्मीद अली, मौलाना अब्दुल खालिक, हाजी शाहिद त्यागी और हाजी अजीजुर्रहमान आदि की ओर से जारी किए गए बयान में कहा गया है कि जमीयत उलेमा ए हिंद के सदर मौलाना सैयद अरशद मदनी की जानिब से कल जुम्मे को बंद होने का झूठा ऐलान सोशल मीडिया पर चलाया जा रहा है। जिसका हकीकत से कोई वास्ता नहीं है। इसलिए इस अफवाह पर बिल्कुल ध्यान दिए जाने की जरूरत नहीं है।
जमीयत उलेमा ए हिंद के अकाबीरीन मसाइल को सड़क पर हल नही करके कानूनी तरीके से हल करने में यकीन रखते हैं। इसलिए जमीअत उलमा की जिला इकाई की ओर से बंद के आह्वान को झूठा करार दिया गया है।
जमीयत की ओर से अपील की गई है कि समाज के सभी वर्गों के लोग रोजाना की तरह सामान्य तौर पर अपनी दुकानें खोलकर अपना कारोबार करें और हमेशा की तरह ही जुमे की नमाज अदा करें।