टूटे ट्रैक पर आ रही थी ट्रेन-लाल झंडी लेकर दौड़ पडा शंट मैन और फिर..

सोनभद्र। टूटे ट्रैक पर धड़धड़ाती हुई आ रही मालगाड़ी को देखकर शंट मैन हादसा टालने को लाल झंडा लेकर मालगाड़ी की तरफ दौड़ पड़ा। चालक की नजर जब लाल झंडा लेकर आ रहे शंट मैन के ऊपर पड़ी तो उसने आपातकालीन ब्रेक लगाते हुए बड़ी मशक्कत के बाद मालगाड़ी को रोक लिया। जिससे रेल कर्मचारियों की मुस्तैदी और राहगीर की सतर्कता से एक बड़ा रेल हादसा होने से टल गया। इस घटना से कुछ देर पहले ट्रैक के ऊपर से होता हुआ डीआरएम धनबाद का सैलून गुजरा था।
बृहस्पतिवार को चोपन-सिंगरौली रेल मार्ग पर ओबरा डैम रेलवे स्टेशन से कुछ दूर स्थित बी एवं सी केबिन के बीच रेलवे ट्रैक टूटा हुआ था। सवेरे तकरीबन 7.00 बजे रेलवे लाइन के समीप रहने वाला दशरथ शर्मा जब उस तरफ घूमने के लिए गया तो उसकी निगाह टूटे हुए रेलवे ट्रैक पर पड़ गई। जिसे देखकर वह बुरी तरह से सन्न रह गया। दशरथ शर्मा ने देरी किए बगैर इस मामले की सूचना स्टेशन प्रबंधन को दी। इत्तेफाक से उसी समय एक मालगाड़ी टूटे हुए हिस्से की तरफ आ रही थी। मौके की नजाकत को भागते हुए शंट मैन तारकेश्वर वर्मा ने अपने हाथ में लाल झंडी उठाई और उसे लेकर ट्रैक की तरफ दौड़ पड़ा। मालगाड़ी के चालक की जब शंट मैन पर नजर नहीं गई तो शंट मैन ने आवाज देते हुए चिल्लाना शुरू कर दिया। उसकी आवाज को सुनकर अन्य लोग भी आ गए। सामने बहुत सारे लोगों के साथ एक व्यक्ति के हाथ में लाल झंडा देखकर मालगाड़ी चला कर ला रहा चालक सतर्क हुआ और उसने इमरजेंसी ब्रेक लगाते हुए मालगाड़ी को रोकने के प्रयत्न शुरू कर दिए। आखिर में मालगाड़ी रुक गई।
सूचना पर स्टेशन के कई अधिकारी मौके पर पहुंचे और टूटी पटरी का निरीक्षण किया। काफी देर की मशक्कत के बाद ट्रैक को ठीक करवाकर मालगाड़ी को आगे के लिए रवाना किया गया। इस मामले की वजह से मालगाड़ी तकरीबन 35 मिनट तक स्टेशन पर ही खड़ी रही। बताया जा रहा है कि घटना से कुछ घंटे पहले धनबाद डीआरएम अपने सैलून में बैठकर चोपन से सिंगरौली की तरफ गए थे। मुख्य यार्ड प्रबंधक आरती भारती और टीआई ओबरा आलोक ओझा ने बताया है कि सवेरे के समय ट्रैक मैन पेट्रोलिंग करके गया है। सर्दी आते ही ट्रैक टूटता रहता है। इसके कारण रात में भी पेट्रोलिंग होती है। कुल मिलाकर राहगीर दशरथ शर्मा और शंट मैन तारकेश्वर शर्मा की सक्रियता से बड़ा रेल हादसा होने से टल गया। है