सुप्रीमकोर्ट के सामने आत्मदाह-2 पुलिस अफसरों पर कार्यवाही की गाज

लखनऊ। बसपा सांसद अतुल राय के ऊपर दुष्कर्म का आरोप लगाने वाली पीड़िता और पैरोकार की सुप्रीम कोर्ट के सामने आत्मदाह किए जाने के मामले में की गई जांच रिपोर्ट के आधार पर शासन की ओर से 2 अपर पुलिस अधीक्षकांे के खिलाफ कार्यवाही की गई है। इस मामले में तत्कालीन एसएसपी को जांच कमेटी की ओर से क्लीनचिट दे दी गई है। इस प्रकरण में पुलिस पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर को पीडिता को आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है।
घोसी से बसपा सांसद अतुल राय पर दुष्कर्म का आरोप लगाने वाली पीड़ित युवती और उसके पैरोकार युवक ने इसी वर्ष के अगस्त माह की 16 तारीख को राजधानी दिल्ली में सुप्रीमकोर्ट के गेट के सामने अपने ऊपर मिट्टी का तेल डालकर आत्मदाह करने का प्रयास किया था। गंभीर रूप से झुलसी पीडिता और पैरोकार को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां उपचार के दौरान पहले पैरोकार और उसके बाद दुष्कर्म पीड़िता की भी मौत हो गई थी।
पीड़ित युवती और उसके पैरोंकार युवक ने सुप्रीम कोर्ट के सामने आत्मदाह करने से पहले फेसबुक पर लाइव आते हुए कई पुलिस अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए थे। उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से इस मामले की जांच डीजी एवं एडीजी की संयुक्त टीम को सौंपी गई थी। डीजी उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड आरके विश्वकर्मा व एडीजी महिला व बाल सुरक्षा संगठन मीरा रावत की ओर से पिछले दिनों अपनी जांच रिपोर्ट शासन को सौंपी जा चुकी थी।
जांच रिपोर्ट के आधार पर अब शासन की ओर से 2 अपर पुलिस अधीक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। वाराणसी में अपर पुलिस अधीक्षक और तत्कालीन अपर पुलिस उपायुक्त विकास चंद्र त्रिपाठी के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं।
विकास चंद्र त्रिपाठी के ऊपर लापरवाही बरतने का आरोप लगा है। उधर वाराणसी के तत्कालीन अपर पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए 15 दिन के भीतर उनसे जवाब तलब किया गया है।इस मामले में तत्कालीन एसएसपी अमित पाठक को जांच कमेटी की ओर से क्लीनचिट दे दी गई है।