पैसा दोगुना करने के नाम पर की थी करोड़ों की ठगी, STF ने दबोचा

पैसा दोगुना करने के नाम पर की थी करोड़ों की ठगी, STF ने दबोचा

लखनऊ। उत्तर प्रदेश पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) मेरठ टीम के साथ मिलकर बाइक बोट मामले में 50 हजार रुपये के इनामी वांछित ललित भाटी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।

एसटीएफ प्रवक्ता ने आज यहां यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सोमवार रात सूचना मिलने पर एसटीफ की नोएडा इकाई ने ईओडब्ल्यू की टीम के साथ मिलकर दादरी थाने में चर्चित बाइक बोट जालसाजी मामलों में वांछित चल रहे 50 हजार रुपये के इनामी मवाना (मेरठ) इलाके के संदीपुर सेठ निवासी ललित भाटी को गिरफ़्तार कर लिया।

उन्होंने बताया कि इससे पहले चार हजार करोड़ रुपये से ज्यादा के इस घोटाले की आरोपी कंपनी गर्वित इनोवेटिव प्रमोटर्स लिमिटेड के मालिक संजय भाटी समेत कई निदेशकों को पहले से गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका हैं।

उन्होंने बताया कि इसी माह एसटीएफ और ईओडब्लू मेरठ की टीम ने फरार चल रहे 50-50 हजार रुपये के इनामी सचिन भाटी, पवन भाटी व करण पाल सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। उन्होंने बताया कि सचिन भाटी मुख्य अभियुक्त संजय भाटी का ही सगा भाई है, जबकि पवन भाटी चचेरा भाई है। करण पाल भी कंपनी में डायरेक्टर के पद पर था। उन्होंने बताया कि इसी करण पाल सिंह को वर्ष 2018 में कंपनी में डायरेक्टर बना दिया गया था। उसे दो लाख रुपए प्रतिमाह वेतन के साथ चलने के लिए एक फार्च्युनर कार दी गई थी। कंपनी के विस्तार में उसने बड़ी भूमिका निभाई थी।

प्रवक्ता ने बताया कि कंपनी लोगों से अपनी एक स्कीम के तहत लोगों से एक बाइक के लगभग 62200 रुपये लगाने पर प्रतिमाह 9765 रुपये एक साल तक देने का वादा करती थी। इस स्कीम में बड़ी संख्या में लोगों ने पैसा लगाया था। यह घाेटाला चार हजार करोड़ से ज्यादा का है। निवेशकों का आरोप है कि पैसा मांगने पर कंपनी के लोग मारने की धमकी देेते थे।

गौरतलब है कि संजय भाटी ने बाइक, टैक्सी चलाने के नाम पर गर्वित इनोवेटिव प्रमोटर्स लिमिटेड कंपनी खोली थी और कई लोगों को अपने साथ जोड़ा था। यह कंपनी एक साल में पैसे दोगुना करने का प्रलोभन देकर लोगों को अपने झांसे में फंसाती थी।

वार्ता

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