भाजपा के लिए हैदराबाद 'भाग्यनगर'

भाजपा के लिए हैदराबाद भाग्यनगर

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद के निकाय चुनाव में प्रचार करने गये थे। उन्होंने कहा था इस शहर का प्राचीन नाम भाग्यनगर फिर से बहाल किया जाएगा। हैदराबाद के निकाय चुनाव में हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी को पीछे ढकेलते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) आगे निकल गयी है। भाजपा की दक्षिण भारत में कर्नाटक के बाद यह दूसरी बड़ी विजय मानी जा रही है। हैदराबाद निकाय चुनाव की 150 सीटों पर 1122 प्रत्याशी किस्मत आजमा रहे थे। भाजपा ने 149 सीटों पर चुनाव लड़ा और 40 से ऊपर सीटें हासिल किया है। ग्रेटर हैदराबाद नगर निगम (जीएचएमसी) देश के सबसे बड़े नगर निगमों में से एक मानी जाती है। इसके तहत 24 विधानसभा क्षेत्र आते हैं। निकाय चुनाव के नतीजे बताते हैं कि हैदराबाद भाजपा के लिए सचमुच भाग्यनगर साबित हुआ है। क्योंकि 2016 में उसे सिर्फ 4 पार्षद मिले थे।

हैदराबाद के नवम्बर में हुए लोकल चुनाव की देशभर में चर्चा हो रही है। इसकी चर्चा आगे भी जारी रहेगी, लेकिन पहले हैदराबाद नगर निगम और उसके चुनाव से जुड़ी कुछ जरूरी जानकारियां जान लेते है। जीएच एमसी का सालाना बजट लगभग साढ़े पांच हजार करोड़ रुपये का है। जीएचएमसी के अंतर्गत लगभग 82 लाख की आबादी आती है। जीएचएमसी चुनाव में 150 पार्षद चुने जाते हैं। इस बार जीएचएमसी के चुनाव में 1122 उम्मीदवार मैदान में थे जिसके लिए एक दिसंबर को मतदान हुआ और चार दिसंबर को नतीजों की घोषणा की गयी। टीआरएस को 149 सीटों के नतीजे में 55, भाजपा को 48 और एआईएमआईएम को 44 सीटें मिली हैं। कांग्रेस को 3 पार्षद मिले हैं।

जीएचएमसी एक लोकल बॉडी है, जिसके चुनाव भी लोकल स्तर पर लड़े जाते हैं लेकिन इस बार बीजेपी ने इन लोकल चुनावों का स्तर बढ़ा दिया और अपनी राष्ट्रीय ताकत झोंक दी। ऐसे में सबके मन में सवाल था कि आखिर तेलंगाना के एक लोकल से चुनाव को बीजेपी इतना वोकल होकर क्यों लड़ रही है।

ध्यान देने की बात ये है कि फिलहाल तेलंगाना में उनके दो विधायक और 4 सांसद ही हैं। जाहिर है चुनाव चाहे लोकल हों लेकिन अपने राष्ट्रीय नेताओं से ही प्रचार करवाना बीजेपी की मजबूरी भी थी और शायद सबसे बड़ी मजबूती भी। इसीलिए ओवैसी के गढ़ में योगी आदित्यनाथ की गर्जना सुनाई दी। योगी आदित्यनाथ ने कहा हैदराबाद को भाग्यनगर बनाने के लिए आया हूं। बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा के हैदराबाद दौरे के बाद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य के मल्काजगीरी में रोड शो किया। योगी ने रोड शो के दौरान कहा कि हम सबको यह तय करना है कि एक परिवार और मित्र मंडली को लूट खसोट की आजादी देनी है या फिर हैदराबाद को भाग्यनगर बनाकर विकास की नई बुलंदियों पर ले जाना है। मित्रों ये आपको तय करना है। दरअसल, यह योगी का हिन्दुत्व कार्ड था। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कुछ लोग पूछ रहे हैं कि क्या हैदराबाद का नाम बदलकर भाग्यनगर किया जाएगा? मैंने कहा- क्यों नहीं, बीजेपी के सत्ता में आने के बाद जब फैजाबाद का नाम बदलकर अयोध्या हो गया, इलाहाबाद का नाम प्रयागराज हो गया तो फिर हैदराबाद का नाम भाग्यनगर क्यों नहीं हो सकता है।

योगी ने कहा कि एआईएमआईएम के दो भाई हमेशा उलटा बोलते हैं और टीआरएस को एआईएमआईएम जैसे नमूने अराजकता फैलाने के लिए मिल गए हैं। उन्होंने कहा कि जब देश के सारे नेता सो रहे थे तो प्रधानमंत्री कोविड वैक्सिन के लिए अहमदाबाद, हैदराबाद और पुणे की लैब का दौरा कर रहे थे। आपके बीच भी आए थे। टीआरएस के मुख्यमंत्री तो आज तक हैदराबाद की लैब में गए भी नहीं होंगे। उन्होंने टीआरएस और एआईएमआईएम पर भ्रष्टाचार सहित कई गंभीर आरोप भी लगाए।

तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में निगम चुनाव को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई थी। बीजेपी की युवा मोर्चा इकाई के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेजस्वी सूर्या चुनाव प्रचार के लिए हैदराबाद पहुंचे और उन्होंने एआईएमआईएम सांसद असदुद्दीन ओवैसी पर हमला बोलते हुए उन्हें जिन्ना का नया अवतार बता डाला। सूर्या ने कहा कि ओवैसी को दिया गया हर वोट भारत के खिलाफ और उन मूल्यों के खिलाफ वोट है, जिन पर देश खड़ा है। वहीं बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष और सांसद बी. संजय कुमार ने हैदराबाद स्थित ओल्ड सिटी इलाके में घुसपैठियों पर सर्जिकल स्ट्राइक की बात की थी।

बी. संजय कुमार का घुसपैठियों से मतलब ओल्ड सिटी इलाके में कथित तौर पर रहने वाले बांग्लादेशी, पाकिस्तानी और रोहिंग्या से है। उन्होंने एआईएमआईएम सांसद व अन्य विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा, आप घुसपैठियों के अवैध वोटों से ये चुनाव जीतना चाहते हैं। ये देश के खिलाफ है। एक बार हम बीजेपी के मेयर का चुनाव जीत जाएं तो सबको (घुसपैठियों) को बाहर करेंगे। बी. संजय कुमार अपनी आक्रामक बयानबाजी के लिए जाने जाते हैं। वह करीमनगर से सांसद हैं। उन्होंने सर्जिकल स्ट्राइक के दायरे में बात करते हुए कहा कि उनकी पार्टी उन लोगों पर भी स्ट्राइक करेगी, जिन्होंने तेलंगाना को अलग-अलग क्षेत्रों में लूटा है। यहां उनका मतलब कॉन्ट्रैक्टर, रियल स्टेट भूमाफियाओं और ड्रग्स माफियाओं से था।

बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष के सर्जिकल स्ट्राइक वाले बयान पर हैदरबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने कहा था लद्दाख स्थित गलवान घाटी में चीनियों पर सर्जिकल स्ट्राइक क्यों नहीं की गई। आप किसपर सर्जिकल स्ट्राइक करना चाहते हैं चीनी सेना पर, जिस ने लद्दाख में भारत का 970 किलोमीटर क्षेत्र घेर लिया है, ये लोग उनका नाम भी नहीं लेते।

मुख्यमंत्री चंद्रशेखर राव की सत्तारूढ़ पार्टी तेलंगाना राष्ट्र समिति, जो पहले एआईएमआईएम के साथ गठबंधन में रह चुकी है, ने इन निकाय चुनावों में कुल 150 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे थे।

असदुद्दीन ओवैसी ने हैदराबाद बाढ़ का मुद्दा उठाते हुए कहा, हैदराबाद में बाढ़ आई थी। मोदी सरकार ने उस वक्त हैदराबाद को क्या आर्थिक मदद दी? वो अब इस चुनाव को सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश कर रहे हैं क्योंकि उस वक्त उन्होंने कोई मदद नहीं दी थी। यहां ऐसा नहीं चलेगा, जनता जानती है।

फिलहाल, जनता ने अपना फैसला दे दिया है। तेलंगाना में लोगों ने भगवा को शानदार प्रवेश दिया है। भाजपा सांसद डी अरविंद ने ठीक ही कहा कि तेलंगाना राज्य में परिवर्तन शुरू हो गया है। लोकसभा चुनाव 2019, फिर डब्बाका उपचुनाव और अब हैदराबाद नगर निगम चुनाव ने टीआरएस को स्पष्ट संकेत दे दिया है। भाजपा सांसद ने कहा कि 2016 से अब तक वहां बहुत बदलाव आ चुका है। ध्यान रहे कि 2016 में ग्रेटर हैदराबाद नगर निगम के चुनाव मंे टीआरएस ने 150 वार्डों में से 99 वार्ड जीते थे और ओवैसी की एआईएमआईएम को 44 वार्डों में जीत मिली थी जबकि भाजपा को सिर्फ चार सीटें मिल पायी थी। अब भाग्यनगर ने भाजपा पर भरोसा किया है। (हिफी)

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