बात करना तो दूर शहीद किसानों के 1 मिनट के मौन का PM को समय नहीं

बात करना तो दूर शहीद किसानों के 1 मिनट के मौन का PM को समय नहीं

मुजफ्फरनगर। भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा है कि नए कृषि कानूनों के विरोध में आंदोलन कर रहे किसानों को राजधानी के बॉर्डर पर बैठे हुए 9 माह से भी अधिक का समय हो गया है। लेकिन पीएम के पास बात करना तो दूर आंदोलन में शहीद हुए किसानों के लिए 1 मिनट का मौन रखने का भी समय नहीं है। उन्होंने किसानों से कहा कि वह अपने ट्रैक्टर हर समय तैयार रखें। देशभर में अभी किसानों को इस तरह की महापंचायतें करनी होंगी।




रविवार को जिला मुख्यालय के महावीर चौक के निकट स्थित राजकीय इंटर कॉलेज के मैदान पर आयोजित की गई किसान महापंचायत को संबोधित करते हुए भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा है कि मैंने कसम खा रखी है कि जब तक केंद्र सरकार नए कृषि कानूनों को वापस लेकर किसानों को काले कानूनों से छुटकारा नहीं दे देती है तब तक मैं मुजफ्फरनगर की धरती पर कदम नहीं रखूंगा। आज मेरा आगमन मुजफ्फरनगर की धरती पर नहीं बल्कि देश के अन्नदाता किसानों की महापंचायत स्थल पर हुआ है। उन्होंने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार की कार्यप्रणाली के चलते आज बाबा भीमराव अंबेडकर द्वारा रचा गया संविधान खतरे में पड़ा हुआ है। केंद्र सरकार आकाश से लेकर पाताल तक तभी कुछ बेच देना चाहती है। बिजली-पानी, बंदरगाह और रेल आदि में निजी भागीदारी सरकार की इसी सोच का परिणाम है। सरकारों की ओर से आजादी के बाद के 70 साल में खड़ी की गई कुछ व्यवस्थाओं को तो बेच दिया गया है जबकि बाकी बची व्यवस्थाओं को बेचने की तैयारी चल रही है। उन्होंने किसानों से साफ-साफ कहा कि कान में तेल डालकर बैठी इस गूंगी बहरी सरकार को जगाने के लिए अभी किसानों को देशभर में इसी तरह की बड़ी-बड़ी किसान पंचायतें करनी होंगी। महापंचायत में शामिल होने के लिए आए किसान अपने-अपने ट्रैक्टर डीजल डलवाकर तैयार रखें और अगली महापंचायत की तैयारी शुरू कर दें। राकेश टिकैत ने महापंचायत में शामिल होने के लिए आए देशभर के सभी किसानों और मजदूरों के साथ मीडिया का आभार व्यक्त करते हुए केंद्र सरकार से पूछा कि वह जो देश की प्रॉपर्टी धन्नासेठों के हाथों बेच रही है उसकी परमिशन सरकार को किसने दी है? सरकार की जो भी प्रॉपर्टी है वह सब देशवासियों की ह।ै क्योंकि यह सब प्रॉपर्टी देशवासियों द्वारा विभिन्न करों के रूप में दिए गए धन से खड़ी की गई हैं। उन्होंने कहा कि इस धरती से अल्लाह हू अकबर, हर हर महादेव, वाहे गुरु का खालसा आदि नारे लगते रहे हैं और आगे भी इसी एकजुटता के साथ लगते रहेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार एमएसपी जारी रखने की बात कह रही है तो ऐसे हालातों में उसे इसकी गारंटी देने में क्या दिक्कत आ रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस समय मीडिया का कैमरा और पत्रकारों की कलम पर केंद्र सरकार ने अपना नियंत्रण स्थापित कर रखा है। उन्होंने किसान महापंचायत के मंच से उत्तर प्रदेश में गन्ने का दाम 450 रूपये प्रति कुंतल घोषित किए जाने की आवाज उठाई। विभिन्न धर्मों के नारों के साथ किसान महापंचायत का समापन किए जाने की वक्ताओं की ओर से घोषणा की गई।

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