नकली दांत ने ला दिया सांसों पर संकट-जिंदगी लग गई दांव पर

प्रयागराज। बुखार की दवाई खाने के दौरान पानी के साथ गटक लिए गए दांत खाने की नली में फंस गए, जिससे रिटायर्ड अमीन का जीवन संकट में फंस गया। सांसो की डोर टूटती हुई देखकर निजी चिकित्सक ने ऑपरेशन करते हुए खाने की नली में फंसे दांतो को बाहर निकाला। जिसके बाद रिटायर्ड अमीन को नया जीवन मिल सका।
दरअसल प्रतापगढ़ के रहने वाले छेदीलाल जो सिंचाई विभाग के रिटायर्ड अमीन है, उनके दांत खराब हो गए थे। तकरीबन 8 साल पहले उन्होंने खाने पीने में हो रही परेशानी को देखते हुए तीन कृतिम दांत अपने मुंह में लगवा लिए थे। वह समय-समय पर निकालकर मुंह में लगे नकली दांतों की सफाई भी करते थे। बुखार होने पर वह पानी के साथ दवाई ले रहे थे, इसी दौरान जबाडे में लगे तीनों दांत अपनी जगह से निकलकर दवा लेते समय पानी के साथ अंदर चले गए और खाने की नाली में फंस गए। जब उन्हें तेज दर्द हुआ और खाने पीने में परेशानी हुई तो उन्हें समीप के डॉक्टर के पास ले जाया गया। लेकिन चिकित्सक ने मामला गंभीर जानते हुए उन्हें हाथ लगाने से भी मना कर दिया। इसके बाद रिटायर अमीन का बेटा वीरेंद्र यादव उन्हें लेकर प्रयागराज के ईएनटी हॉस्पिटल पहुंचा। जहां अस्पताल के सर्जन ने दूरबीन विधि से ऑपरेशन करते हुए तीनों दांतो को बाहर निकाल लिया और रिटायर्ड अमीन को नया जीवन प्रदान किया। ईएनटी सर्जन डॉक्टर अजय शुक्ला ने बताया है कि इस तरह के मामले बहुत कम होते हैं। खाने की नली में लगातार 40 घंटे तक 3 दांत फंसे रहना वास्तव में बहुत ही खतरनाक था। मरीज को देखकर पहले एक्स-रे आदि कराए गए तो पता चला कि खाने की नली में दांत फंसे हुए है, जिसके चलते मरीज कुछ भी खा पी नहीं रहा था। दूरबीन विधि से ऑपरेशन कर दांत को बाहर निकाला गया है।
