कारतूस फैक्ट्री में धमाका-मकान में पड़ी दरार-मचा हड़कंप

कारतूस फैक्ट्री में धमाका-मकान में पड़ी दरार-मचा हड़कंप

सीतापुर। घनी आबादी के बीच मकान में चलाई जा रही कारतूस फैक्ट्री में आग लग गई। इस दौरान हुए धमाके की आवाज से आसपास के मकान में दरार पड़ गई। सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंचे दमकल कर्मियों ने घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। जब तक आग बुझी उस समय तक आसपास के लोगों में बुरी तरह से दहशत पर पसरी रही। लोगों को इस बात का डर था कि यदि आग समय रहते नहीं बुझी तो उनके मकान भी आग भेंट चढ़ सकते हैं।

शहर कोतवाली क्षेत्र के प्रेम नगर निवासी गन हाउस के संचालक जगमोहन पाहवा की कॉलोनी में ही स्थित कारतूस बनाने की फैक्ट्री में 12 बोर के कारतूस बनाने का काम चल रहा था। जगमोहन पाहवा के पास वर्ष 1981 से 12 बोर के कारतूस बनाने का लाइसेंस है। किन्हीं कारणों से फैक्ट्री में आग लग गई, जिसने थोड़ी ही देर में विकराल रूप धारण कर लिया। आग की चपेट में आकर कारतूसों में धमाके होने लगे। धमाकों की आवाज को सुनकर आसपास के लोगों में दहशत पसर गई। फैक्ट्री मालिक की ओर से पुलिस और दमकल विभाग को आग लगने के इस मामले की जानकारी दी गई। सूचना पाते ही दमकल कर्मी आग बुझाने की गाड़ियों के साथ मौके पर पहुंचे और आग को काबू में करने के प्रयासों में जुट गए। घंटों की मशक्कत के बाद दमकल कर्मी आग पर काबू पाने में सफल हो सके। जिस समय तक आग बुझी उस वक्त तक आसपास के लोगों में दहशत पसरी रही। उन्हें इस बात का डर था कि यदि समय रहते आग पर काबू नहीं पाया गया तो वह उनके मकानों को भी अपनी चपेट में ले सकती है। आग लगने के दौरान कारतूसों में हुए धमाकों से मकान में दरारें आ गई हैं। कारतूस फैक्ट्री में आग लगने से कितना नुकसान हुआ है, इसका अभी आकलन नहीं लग पाया है। पुलिस मौके पर पहुंचकर आग लगने के कारणों की जांच कर रही है। आसपास के लोगों के बयान भी पुलिस द्वारा जांच पड़ताल के दौरान लिए जा रहे हैं। मोहल्ला वासियों ने घनी आबादी के बीच फैक्ट्री संचालन पर गहरा रोष जताया है।

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