सबेरे सबेरे मरीज बनकर अस्पताल पहुंचे डीएम, चुपचाप देखा नजारा और फिर..

कानपुर। जिलाधिकारी एक आम आदमी की तरह सवेरे सवेरे मुंह पर मास्क लगाकर जिला अस्पताल में पहुंच गए। काफी देर तक मुंह पर मास्क लगाकर बेंच पर बैठे रहे जिलाधिकारी ने अपनी आंखों से अस्पताल में पसरा लापरवाही का आलम देखा। ओपीडी के कई कमरे बंद थे। अस्पताल में चारों तरफ गंदगी बिखरी हुई पड़ी थी, जैसे सवेरे के समय आज साफ-सफाई ना हुई हो। डीएम ने अब अस्पताल के निदेशक के साथ-साथ सीएमओ को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है। जिससे स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है।
मंगलवार की सवेरे कानपुर के जिलाधिकारी आम आदमी की तरह उर्सला जिला अस्पताल पहुंच गए। अपने मुंह पर मास्क लगाकर जिलाधिकारी डॉ आर. पी. शाक्य के कमरे के बाहर रखी बेंच पर काफी समय तक बैठे रहे। उन्होंने देखा कि अस्पताल में लापरवाही का आलम इस कदर पसरा हुआ है कि ओपीडी के कई कमरे उस समय तक भी बंद थे। चारों तरफ बिखरी गंदगी यह जाहिर कर रही थी जैसे सवेरे के समय अस्पताल के भीतर साफ सफाई ना हुई हो। रजिस्ट्रेशन काउंटर भी पूरी तरह से नहीं खुले थे। चार काउंटरों में केवल दो पर ही खिड़की खोली गई थी। जिलाधिकारी विशाख जी अय्यर चुपचाप मुंह के ऊपर मास्क लगाए हुए अस्पताल के चारों तरफ घूम-घूम कर नजारा देख ही रहे थे कि इसी बीच अस्पताल प्रशासन को उनके आने की भनक लग गई और पता चल गया कि जिलाधिकारी अस्पताल का औचक निरीक्षण करने आए हुए हैं। आनन-फानन के भीतर उर्सला अस्पताल के सीएमएस डॉ ए. के. सिंह अस्पताल में पहुंचे।
उन्होंने जैसे ही बोला सर नमस्ते। तो जिलाधिकारी 2 मिनट शांत रहे, उसके बाद बुरी तरह से भड़क उठे, उन्होंने पूछा कि यह सब क्या चल रहा है। कई मरीजों के जमीन पर बैठे हुए मिलने पर भी उन्होंने काफी डांट फटकार लगाई। इसके बाद डॉक्टर ए. के. सिंह के साथ जिलाधिकारी ने पूरे अस्पताल का निरीक्षण किया। पैथोलॉजी, स्टोर और अस्पताल का एक-एक चेंबर को जिलाधिकारी में चारों तरफ से देखा। इसके बाद जिलाधिकारी अस्पताल से चले गए। कुछ देर बाद ही जिलाधिकारी आवास से सीएमएस के साथ-साथ सीएमओ डॉक्टर नेपाल सिंह के पास कारण बताओ नोटिस पहुंच जाता है। जिसमें डीएम ने अस्पताल में मिली लापरवाही पर कई सवाल दोनों अधिकारियों से पूछे हैं। डीएम का यह रूप देखकर शहर के सभी सरकारी महकमों में इस समय हड़कंप की स्थिति बनी हुई है।