UP में शराबबंदी की मांग- युवाओ के साथ महिलाओं ने शुरू की भूख हड़ताल

अलीगढ़। हाल ही में अलीगढ़ में शराब के कारण 100 से अधिक लोगों की मृत्यु के बाद अलीगढ़ से शराबबंदी की मांग उठने लगी हैं। 2 युवाओं ने प्रदेश भर में शराबबंदी की मांग करते हुए भूख हड़ताल भी शुरू कर दी है और यह भूख हड़ताल तहसील मुख्यालय के गेट पर शुरू की गई है। शराबबंदी की मांग करने वाले लोगों को आसपास के क्षेत्र का सहयोग मिल रहा है। इस धरने में कुछ महिलाएं भी पहुंच गई है, जो शराबबंदी की मांग कर रही है।
क्षेत्र के गांव कजरौठ निवासी विश्वविजय उर्फ केके ने दो दिन पहले मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन एसडीएम को देकर प्रदेश में शराब बंदी की मांग की थी। शराब बंदी न होने पर उन्होंने बुधवार से तहसील पर भूख हड़ताल पर बैठने की चेतावनी दी थी। बुधवार से उन्होंने गांव के ही युवक सौनू के साथ तहसील मुख्यालय पर भूख हड़ताल शुरु कर दी है। उनका कहना है कि शराब, बीड़ी, सिगरेट, तंबाकू नाश की जड़ है। नशे के आदी होने के कारण लोग बर्बाद हो रहे हैं। गृह कलेश बढ़ती जा रही है, युवा नशे की लत को पूरा करने के लिए अपराध की ओर मुड़ रहे हैं। जिले में शराब पीने से हुई मौत के मामले में उन्होंने मांग रखी है कि मृतक के बच्चों का पूर्ण पालन पोषण सरकार करे। मृतकों के स्वजन को 50-50 लाख रु पये का मुआबजा दिया जाए, जिसकी भरपाई दोषियों की संपत्ति से की जाए। धरना स्थल पर नितिन अग्रवाल, हरी सिंह, आदि थे।
शराब के कारण सैकड़ों परिवार अलीगढ़ में हाल ही में विरान हुए हैं। जिसकी वजह से शराब के कारण मरने वाले व्यक्तियों के परिजनों के जीवन पर आर्थिक संकट मंडरा रहा है। ऐसे में इन युवाओं की मांग जायज भी है कि यूपी में शराबबंदी होनी चाहिए। जिससे लोग शराब पीने में बर्बाद करने वाले पैसों को कहीं दूसरी जगह इस्तेमाल कर सके और लोगों की आर्थिक स्थिति भी अच्छी हो सके।