COW शेल्टर खोलने के नाम पर FRAUD, ऐंठ लिए लाखों रुपए

बाराबंकी। उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में गौशाला खोलने के नाम पर एक बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। जिसके तहत फर्जी संस्था बनाकर लोगों को लाखों का फर्जी अनुदान देने का लालच देते हैं और फिर उनसे प्रोसेसिंग फीस के नाम पर ठगी करते थे। फर्जी संस्था चलाने वालों ने ऐसे ही सैकड़ों लोगों को अपनी फर्जी बातों में फंसाकर उनसे मोटी रकम ऐंठ ली। एक आश्रम के महंत सहित बहुत लोग इसी तरह के फर्जीवाड़े के शिकार हुए है।
प्रकरण मसौली थाना क्षेत्र स्थित संकट मोचन पंचमुखी हनुमान मंदिर से संबंधित है। जहां के महंत सत्यनारायणानंद दास उर्फ फलाहारी बाबा को कुछ लोगों ने काऊ शेल्टर गौशाला खोलने का प्रस्ताव दिया। उन लोगों ने गौशाला खोलने के बदले में 67 लाख रुपए का अनुदान मिलने की बात बताई। साथ ही 67 लाख रुपये के अनुदान के लिए एक फीसदी प्रोसेसिंग फीस भी बाबा से ले गये। कुछ दिन के बाद फिर उन्हीं लोगों ने फलाहारी बाबा से बात की और अन्य लोगों को भी गौशाला खुलवाने के लिए तैयार करने के लिये कहा।
जिसमें से पहली किस्त 35 लाख रुपए की मिलेगी और 1 फीसदी उसकी प्रोसेसिंग फीस जमा करनी होगी। उसी एक प्रतिशत प्रोसेसिंग फीस के रूप में मैने उन्हें 17 हजार नकद और 50 हजार रुपये की केनरा बैंक की चेक के रूप में दिया। जो घनश्याम ने अपने एसबीआई अकाउंट में डाला और पैसे निकाल लिये। इसके बाद हमें 23 लाख 45 हजार रुपये की चेक दे दी गई। फिर हमें और गौशाला खुलवाने के लिए कहा गया। जिसके बाद मैंने कुछ और लोगों को बुलवाकर बताया और उनसे गौशाला खुलवाने के लिए कहा। लेकिन धीरे-धीरे इनके पूरे फर्जीवाड़े का भांडाफोड़ हो गया और इनको हमने यहीं रोक लिया।
जिसकी शिकायत मैंने पुलिस से की तो मुझे फोन पर मारने की धमकी मिलने लगी और अब मुझे अपनी जान का खतरा है। इसलिए मुझे सुरक्षा दी जाए। आश्रम में पकड़े गए आरोपी घनश्याम श्रीवास्तव ने अपने ऊपर लगे आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। उसने बताया कि उसे किसी चेक के बारे में कोई जानकारी नहीं है क्योंकि उस समय वह बाहर था। इन लोगों ने ऑफिस में जाकर चेक दिया। उसने बताया कि उसकी जन कल्याण ग्रामोत्थान नाम की सोसायटी है।