एफसीआई के टेंडर में बोली लगाने वाली कंपनियां मिली सांठगांठ की दोषी

नयी दिल्ली। भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (एफसीआई) ने भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) द्वारा जारी टेंडर में बोली लगाने में सांठगांठ करने के लिए छह कंपनियों को दोषी पाया है।
कंपनी मामलों के मंत्रालय ने आज यहां जारी बयान में कहा कि सीसीआई ने छह कंपनियों के खिलाफ 29 अक्टूबर को अंतिम आदेश जारी किया था। इनको धारा 3(3)(डी) समेत प्रतिस्पर्धा अधिनियम 2002 की धारा 3(1) के प्रावधानों का उल्लंघन करने का दोषी पाया गया है। इन धाराओं के तहत प्रतिस्पर्धा-रोधी समझौतों का निषेध है।
सीसीआई ने पाया कि ये सभी कंपनियाें ने एफसीआई को पतले पॉली-एथीलीन कवर (एलडीपीई) की आपूर्ति करने में आपस में गोलबंदी की। इनने इन एलडीपीई की कीमत तय करने में सीधे या परोक्ष रूप से हस्तक्षेप किया, टेंडर प्राप्त करने में, बोली तय करने में और बोली प्रक्रिया में दखलंदाजी की। एफसीआई की तरफ से दायर शिकायत पर मामला शुरू किया गया था।
इस मामले को देखते हुये सीसीआई ने एफसीआई द्वारा जारी टेंडर के सम्बंध में बोली में गड़बड़ी करने और आपस में गोलबंदी करने का दोषी पाते हुये छह कंपनियों के खिलाफ बंदी तथा काम रोकने का आदेश जारी कर दिया है। बहरहाल, सीसीआई ने इन पर कोई जुर्माना नहीं लगाया, क्योंकि छह में से चार ने कम जुर्माना लगाने की अपील की थी और अपना कदाचार स्वीकार कर लिया था। इन कंपनियों ने जांच के दौरान अपनी आपराधिक कार्य-प्रणाली को स्वीकार किया था और सीसीआई के साथ पूरा सहयोग करने का वायदा किया था। इसके अलावा ये कंपनियां एमएसएमई श्रेणी की है जहां स्टाफ और कारोबार सीमित है।
सीसीआई ने कोविड-19 के हालात का भी ध्यान रखा, जिसके कारण एमएसएमई सेक्टर दबाव में रहा है।

वार्ता