बोल देना पाल साहब आए थे-किंतु पुलिस बोली राह में उनसे मुलाकात हो गई
औरैया। बाइक या अन्य वाहनों पर लगाई गई नंबर प्लेट पर रजिस्ट्रेशन नंबर लिखवाना जरूरी होता है। वह इसलिए किसी दुर्घटना या अन्य घटना के समय रजिस्ट्रेशन नंबर के माध्यम से संबंधित वाहन की पहचान की जा सके। लेकिन बाइक के पीछे लगी प्लेट पर रजिस्ट्रेशन नंबर नहीं लिखवाने के बजाय जब एक युवक ने यह लिखवा लिया कि बोल देना साहब आए थे तो दबोचे जाने पर उसे इसका जवाब देना भारी पड़ गया। बाइक लेकर घूम रहे तीन युवकों को पुलिस ने दबोचकर कार्यवाही के कठघरे में लाकर खड़ा कर दिया।
दरअसल कोतवाली प्रभारी नवीन कुमार सिंह मुरादगंज चौकी प्रभारी अवनीश कुमार के साथ मंगलवार की देर रात आते जाते वाहनों की चेकिंग कर रहे थे। इसी दौरान बाइक पर सवार होकर तीन युवक आ रहे थे जिनकी बाइक पर पीछे की प्लेट पर नंबर के स्थान पर लिखा था बोल देना पाल साहब आए थे। इसके साथ ही तेज आवाज वाला साइलेंसर बाइक में लगा हुआ था। इन सब नियम विरूद्ध कामों को देखते हुए पुलिस ने बाइक को रुकवाकर तीनों युवकों को दबोच लिया, जिन्होंने अपने नाम अंकित पाल व अनुज पाल पुत्रगण अमर सिंह तथा शिवम पुत्र बाबू सिंह निवासी डेरापुर कानपुर देहात बताए।
युवकों के पकड़े जाने के बाद आईपीएस अभिषेक वर्मा ने अपनी पोस्ट में पूरी बात बताते हुए यह भी लिखा कि यह तो वही बात हो गई राह में चलते मुलाकात हो गई, जिससे डरते थे, वही बात हो गई। प्रभारी निरीक्षक नवीन कुमार सिंह ने बताया है तीनों युवकों से पूछताछ की गई और इसके बाद कार्यवाही की गई।