जनसेवा केंद्र खोलकर अंगूठे का क्लोन बना करोड़ों की ठगी करने वाले गिरफ्तार

जनसेवा केंद्र खोलकर अंगूठे का क्लोन बना करोड़ों की ठगी करने वाले गिरफ्तार

हापुड़। जनसेवा केंद्र लेकर एप्स के माध्यम से लोगों के अंगूठे का क्लोन बनाकर उनके बैंक खातों में धोखाधड़ी करते हुए करोड़ों रुपए की ठगी कर लेने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने चार शातिर साइबर ठगों को गिरफ्तार किया है। जिनके कब्जे से तकरीबन एक लाख रुपए की धनराशि, 49 पॉलीमर फिंगरप्रिंट क्लोन और अन्य ठगी का साजो सामान बरामद किया गया है।

जिला मुख्यालय पर शनिवार को हुई प्रेस वार्ता में मीडिया कर्मियों से बातचीत करते हुए पुलिस अधीक्षक दीपक भूकर ने बताया है कि जनपद की साइबर सेल और थाना गढ़मुक्तेश्वर पुलिस ने संयुक्त रुप से बड़ी कार्यवाही करते हुए फर्जी तरीके से जनसेवा केंद्र लेकर एप्स के माध्यम से लोगों के अंगूठे का क्लोन बनाकर उनके बैंक खातों से धोखाधड़ी कर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए सरगना समेत चार शातिर साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। जिनके कब्जे से 99 हजार एक सौ रूपये, 49 पॉलीमर फिंगरप्रिंट क्लोन, दो फिंगरप्रिंट स्केनर डिवाइस, दो सादे स्कैनर, प्रिंटर, पोली स्टंपर मशीन, लैपटॉप, 8 मोबाइल आदि साजो सामान के साथ घटनाएं कार्य करने में प्रयोग की जाने वाली दो लग्जरी कार बरामद की गई है।


पुलिस अधीक्षक ने बताया है कि संयुक्त रूप से अंतर राज्य ठगों की गिरफ्तारी करने वालों में शामिल गढ़मुक्तेश्वर थाना प्रभारी निरीक्षक रघुराज सिंह, साइबर सेल टीम के उप निरीक्षक विनीत कुमार, हेड कांस्टेबल जसवंत कुमार, कांस्टेबल दिग्विजय, कांस्टेबल सुनील, कांस्टेबल करण सिंह और कांस्टेबल प्रदीप कुमार द्वारा गिरफ्तार किया गया सनी शर्मा पुत्र राम नंदन शर्मा निवासी अमन विहार पश्चिमी दिल्ली साइबर ठगों के गिरोह का सरगना है। इसके अलावा गिरोह में शामिल विजय शर्मा पुत्र पुष्पेंद्र शर्मा निवासी अजमेर रोड थाना जित्रकूट जिला जयपुर, प्रशांत शर्मा पुत्र हरिपाल शर्मा निवासी जैन नगर कराला थाना बेगमपुर दिल्ली और विवेक उपाध्याय पुत्र विष्णु उपाध्याय निवासी गुमान पुर थाना चंदपा जनपद हाथरस द्वारा यूपी सरकार की वेबसाइट, जिस पर रजिस्टर्ड बैनामा सुरक्षित रहते हैं, के माध्यम से बेनामे सेव कर लिए गए थे। क्योंकि उनके नामों में अकाउंट की डिटेल और फिंगरप्रिंट भी रहते हैं। उन्होंने बताया कि जो फिंगरप्रिंट ठगों के पास से मिले हैं उन्हें यह डेवलप करके फर्जी फिंगरप्रिंट बनाते थे और अकाउंट की डिटेल के मुताबिक उसमें से धन निकालने की घटनाओं को अंजाम देते थे।

पुलिस अधीक्षक ने बताया है कि पुलिस के हत्थे चढ़े साइबर ठग अभी तक तकरीबन 500-600 लोगों के साथ इस तरह की ठगी की घटनाओं को अंजाम दे चुके हैं जिनमें यह लोग अभी तक 90 लाख से लेकर एक करोड रुपए तक का फ्रॉड कर चुके हैं। पकड़े गए बदमाश प्रयागराज, सुल्तानपुर, गाजीपुर और हापुड़ इत्यादि जनपदों में इस प्रकार की घटनाओं को अंजाम देने में कामयाब हुए हैं।

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