सरकार की पहली प्राथमिकता, हर किसान के खेत तक पानी पहुंचे: जलशक्ति मंत्री

सरकार की पहली प्राथमिकता, हर किसान के खेत तक पानी पहुंचे: जलशक्ति मंत्री

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश की सभी नहर प्रणालियों की शत्-प्रतिशत सिल्ट सफाई करने के निर्देश देते हुए कहा है कि सरकार की पहली प्राथमिकता है कि हर किसान के खेत तक पानी पहुंचे।

जलशक्ति मंत्री डाॅ0 महेन्द्र सिंह गुरूवार को बाराबंकी में रायपुर गांव के पास नहर में फावड़ा चलाकर सिल्ट सफाई अभियान का शुभारम्भ करते हुए कहा कि लोग किसानों को अन्नदाता कहते हैं लेकिन हमारी सरकार ने उनको सम्मान देकर उनकी खुशहाली के लिए जमीनी स्तर पर कार्य किया है। पिछले साल 47 हजार किमी नहरों की सफाई कर टेल तक पानी पहुंचाया गया था। उन्होंने कहा कि सरकार की पहली प्राथमिकता हर किसान के खेत तक पानी पहुंचाना है।

जलशक्ति मंत्री डाॅ0 महेन्द्र सिंह ने कहा कि राज्य की सभी नहर प्रणालियों की शत्-प्रतिशत सिल्ट सफाई करायी जायेगी। यदि कोई व्यक्ति इंगित करेगा कि उसके क्षेत्र की नहर की सफाई नहीं हुई है तो उसे सम्मानित किया जायेगा। सम्बन्धित अधिकारी की जवाबदेही तय करते हुए उस नहर की सफाई एवं पुलिया आदि की मरम्मत एवं रगाई पुताई प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित करायी जायेगी।

जलशक्ति मंत्री डाॅ0 महेन्द्र सिंह ने कहा कि लोग किसानों को अन्नदाता कहते हैं लेकिन हमारी सरकार ने उनको सम्मान देकर उनकी खुशहाली के लिए जमीनी स्तर पर कार्य किया है। गत वर्ष 47 हजार किमी नहरों की सफाई कर टेल तक पानी पहुंचाया गया था और अबकी बार भी मुख्यमंत्री के कुशल मार्गदर्शन से सभी नहरों की सफाई करायी जायेगी।

जलशक्ति मंत्री डाॅ0 महेन्द्र सिंह ने कहा कि गत वर्ष सिल्ट की नीलामी से 484 लाख रूपये के धनराशि प्राप्त हुई थी और अकेले बाराबंकी की सिल्ट की नीलामी से 82 लाख रूपये की धनराशि प्राप्त हुई थी। उन्होंने कहा कि इस बार भी निकाली गयी सिल्ट की नीलामी करायी जायेगी। उन्होंने कहा कि विधायकों एवं सांसदों का सम्मान तो होता रहा है लेकिन पहली बार देश के प्रधानमंत्री ने किसान सम्मान निधि योजना एवं प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना शुरू करके किसानों का सम्मान बढ़ाया है।

जलशक्ति मंत्री डाॅ0 महेन्द्र सिंह ने कहा कि नहरों की सफाई के लिए अभियान आज से 15 नवम्बर तक चलेगा और टेल तक पानी पहुंचाया जायेगा। बाराबंकी में कुल 301 नहरें हैं। जिनमें से 290 की सिल्ट सफाई के लिये प्रस्तावित है। इन नहरों की कुल लंबाई 16 किलोमीटर है, जिसमें से 1396 किलोमीटर की सिल्ट सफाई होनी है। सिल्ट सफाई का कार्य एवं स्क्रेपिंग का कार्य जल उपभोक्ता समिति के माध्यम से कराया जा रहा है।

वार्ता

Next Story
epmty
epmty
Top