लाॅकडाउन पर उत्तर प्रदेश सरकार भारत सरकार की गाइडलाइन का पालन करेगी : सीएम

लखनऊ । उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने सरकारी आवास, लखनऊ पर कोविड-19 लॉकडाउन पर आगे की कार्यवाही सुनिश्चित करने हेतु कैबिनेट मंत्रियों के साथ बैठक की।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लाॅकडाउन के बाद कैबिनेट मंत्रियों के साथ बैठक के बाद प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कैबिनेट स्तर के 19 मंत्रीगण यहां उपस्थित हुए थे। लाॅकडाउन के कारण बहुत से मंत्रीगण अपने क्षेत्रों या गृहजनपद में हैं, लेकिन जो यहां उपस्थित थे उनके साथ हमने चर्चा की है कि लाॅकडाउन के दौरान और लाॅकडाउन के बाद की स्थिति क्या होगी ।सबने इस बात को महसूस किया है कि भारत जैसे 130 करोड़ की विशाल आबादी वाले देश को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा समयबद्ध ढंग से लिए गए निर्णयों के कारण वैश्विक महामारी कोरोना से बचाने में बहुत मदद मिली है । प्रधानमंत्री की गाइडेंस पर भारत सरकार द्वारा जो भी गाइडलाइन लाॅकडाउन के संदर्भ में बनती है,उसका आगे भी हमें अनुपालन करना चाहिए। प्रदेश के 23 करोड़ लोगों के उत्तम स्वास्थ्य व सुरक्षित भविष्य के लिए यही सबसे उपयुक्त मार्ग है ।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा सभी मंत्रीगणों द्वारा इस बात की भी चर्चा की गई कि लाॅकडाउन के बाद आदरणीय प्रधानमंत्री ने जो 'प्रधानमंत्री गरीब कल्याण पैकेज' की घोषणा की थी, उससे बहुत लोग लाभान्वित हुए हैं उ.प्र. में 2 करोड़ 34 लाख किसानों को ₹2,000 सीधे उनके बैंक खातों में देने की व्यवस्था हुई तथा 3 करोड़ 46 लाख से अधिक जनधन खाताधारक महिला लाभार्थी इससे लाभान्वित हुईं, जिन्हें ₹500 उनके बैंक अकाउंट में उपलब्ध हुए हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कोरोना के उपचार के लिए इस पूरी व्यवस्था में 'कोरोना योद्धा' के रूप में केंद्र व प्रदेश के जो स्वास्थ्यकर्मी कार्य कर रहे हैं, भारत सरकार ने उन सभी कर्मियों को ₹50 लाख का बीमा कवर भी दिया है ।केंद्र सरकार की योजना में जो लोग छूट गए थे, उन्हें ₹50 लाख का बीमा कवर हम लोगों ने उपलब्ध करवाया है। पुलिस, होमगार्ड, सफाई कर्मियों को प्रदेश सरकार की ओर से कवर करने की व्यवस्था की गई है और सभी ने इसे बहुत अच्छे ढंग से स्वीकारा भी है ।
मुख्यमंत्री श्री @myogiadityanath जी का जनता को संबोधन... https://t.co/tzTnZbYjov
— CM Office, GoUP (@CMOfficeUP) April 12, 2020
प्रदेश में 20 लाख निर्माण श्रमिकों को एवं पटरी व्यवसाइयों, ठेला, खोमचा, कुली, पल्लेदार, रिक्शा, ई-रिक्शा चलाने वाले, विश्वकर्मा श्रम सम्मान से जुड़े 15 श्रेणियों के 15 लाख कामगारों को भी ₹1,000 का भरण-पोषण भत्ता देने की व्यवस्था उत्तर प्रदेश सरकार ने की है ।
हमने, प्रदेश में रहने वाले 3 करोड़ 54 लाख से अधिक परिवारों को निःशुल्क खाद्यान्न उपलब्ध कराने की व्यवस्था का प्रथम चरण संपन्न कर दिया है और 15 तारीख से पुनः हम इस कार्य को आगे बढ़ाने जा रहे हैं प्रदेश सरकार द्वारा समयबद्ध ढंग से भारत सरकार के मार्गदर्शन में उठाए गए कदमों को सभी लोगों ने एक स्वर से स्वीकार किया है और आगे के लिए भी इसी सतर्कता के साथ कार्य करने की पूरी प्रतिबद्धता व्यक्त की है ।
प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्रियों के साथ कल कुछ चीजों पर चर्चा की थी। देश के नाम संदेश में पहले उन्होंने कहा था, हमें जनता कर्फ्यू लगाना पड़ रहा है क्योंकि 'जान है तो जहान है'।कल उन्होंने कहा 'जान भी' जहान भी'। हम लोगों की जान को बचाएं, कोरोना वायरस के संक्रमण को तो हमें रोकना ही रोकना है लेकिन साथ ही सामान्य कार्यों को भी इस रूप में आगे बढ़ाने की कार्रवाई करनी है कि कहीं भी कोई समस्या न आने पाए।इस दृष्टि से हमने प्रदेश में तत्काल कुछ कमेटियां गठित की हैं, जो 15 तारीख के बाद से किस प्रकार की हमारी कार्रवाई होनी है, इसका ध्यान रखेंगी।
मुख्यमंत्री ने कहा लाॅकडाउन पर प्रदेश सरकार पूरी तरह से भारत सरकार की गाइडलाइन का पालन करेगी, क्योंकि यह, प्रदेश की 23 करोड़ जनता के स्वास्थ्य व सुरक्षित भविष्य के लिए आवश्यक है ।हम लोग यह भी तय करने जा रहे हैं कि कुछ रूटीन कार्यों को व आवश्यक सेवाओं को, कैसे किया जा सकता है। इसके लिए हम लोगों ने उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य की अध्यक्षता में एक कमेटी बनाई है।यह कमेटी, प्रदेश में निर्माण कार्यों को कैसे आगे बढ़ाया जाए कि लाॅकडाउन व सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन करते हुए कार्य हों और निर्माण श्रमिकों को भी काम मिल सके।जैसे एक्सप्रेस-वे या बड़े निर्माण के कार्य हैं, वहां कैसे काम होगा, कैसे सप्लाई चेन बनेगी आदि विषयों पर कार्य करेगी ।
उप मुख्यमंत्री डाॅ दिनेश शर्मा की अध्यक्षता में एक कमेटी बनाई गई है, जो यह तय करेगी कि पाठ्यक्रम को ऑनलाइन कैसे किया जाए क्योंकि सोशल डिस्टेंसिंग के लिए आवश्यक है कि अभी हम स्कूलों व काॅलेजों को न खोलें व बच्चों की पढ़ाई में बाधा भी न पहुंचे बेसिक, माध्यमिक, प्राविधिक, व्यावसायिक, मेडिकल एजुकेशन- इन सबको कैसे आगे बढ़ाया जा सकता है इस पर यह कमेटी कार्य करेगी ।
वित्त मंत्री सुरेश खन्ना की अध्यक्षता वाली कमेटी इस बात को सुनिश्चित करेगी कि रेवेन्यू के फ्लो को कैसे बनाया जा सके, जिससे प्रदेश में राजस्व की कमी न आने पाए ।औद्योगिक विकास के साथ-साथ MSME सेक्टर में भी हम लोगों को क्या कदम उठाने चाहिए, इस पर यह कमेटी औद्योगिक विकास व MSME दोनों विभागों के मंत्रियों और अधिकारियों के साथ बैठ कर, एक निष्कर्ष पर पहुंच कर, अपनी रिपोर्ट उपलब्ध कराएगी ।
कृषि मंत्री की अध्यक्षता वाली कमेटी, किसानों से जुड़ी समस्याओं का समाधान करने के लिए कार्य करेगी। इस समय किसानों की फसलें तैयार हैं। आज के समय में 4,700 से अधिक कम्बाइंड मशीन प्रदेश में उपलब्ध कराई जा चुकी हैं ।इसे मनरेगा के साथ जोड़ कर कैसे कार्य कर सकते हैं, प्रोक्योरमेंट की कार्रवाई को हम व्यवस्थित रूप से आगे बढ़ा सकें, खेतों या किसानों के घर से ही हम खरीदारी कर सकें व न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी के साथ यह कार्य हो, इस पर यह कमेटी कार्य करेगी ।
प्रदेश में इमरजेंसी मेडिकल सेवाओं को आगे बढ़ाने के लिए सरकारी व निजी मेडिकल काॅलेज व हाॅस्पिटल हैं। कोरोना संक्रमण को हर हाल में रोकना है और इसके लिए मेडिकल टीम को बचाना है।डाॅक्टर, पैरामेडिकल्स, नर्सिंग स्टाफ, टेक्नीशियन इन सभी को सुरक्षित रखते हुए कार्य करना है। इन्हें कैसे सुरक्षित रखा जाए, प्रशिक्षित किया जाए, कैसे पर्सनल प्रोटेक्शन इक्विपमेंट उपलब्ध कराए जाएं ।इमरजेंसी सेवाओं जैसे डायलिसिस, कीमो, रेडियोथेरेपी या फिर गम्भीर रूप से बीमार हार्ट या न्यूरो के मरीजों के लिए स्वास्थ्य मंत्री की अध्यक्षता वाली कमेटी कार्य करके त्वरित रूप से इस कार्यक्रम को आगे बढ़ाने के लिए कार्य करेगी ।