फ्री ट्रैफिक मूवमेंट शुरू होते भड़की हिंसा- एक की मौत अनेक घायल

नई दिल्ली। तकरीबन 2 साल के बाद सरकार की ओर से फ्री ट्रैफिक मूवमेंट शुरू किए जाते ही कुकी एवं मैतेई बहुल इलाकों में हिंसा भड़क उठी है, जैसे ही बसें चलनी शुरू हुई वैसे ही सड़क पर उतरे कुकी समुदाय के लोगों ने फ्री ट्रैफिक मूवमेंट का विरोध करना शुरू कर दिया। सुरक्षा बलों के साथ हुई झडप के दौरान एक पुरुष प्रदर्शनकारी की मौत हो गई है। घायल हुए 25 लोगों को ट्रीटमेंट के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

लंबे समय से अशांत चल रहे मणिपुर में कुकी और मैतेई बहुल इलाके में तकरीबन 2 साल बाद फ्री ट्रेफिक मूवमेंट शुरू होते ही हिंसा का नंगा नाच आरंभ हो गया है। राज्य के इंफाल, चुराचांदपुर, कांगपोकवी, विष्णुपुर और सेनापति को जोड़ने वाली सड़कों पर जैसे ही बसों ने दौड़ लगानी शुरू की वैसे ही कुकी समुदाय के लोगों ने सड़क पर उतरते हुए फ्री ट्रेफिक मूवमेंट का विरोध शुरू कर दिया।
प्रदर्शन कर रहे लोगों की सुरक्षा बलों के साथ कई स्थानों पर हिंसक झड़पें भी हुई है, इस दौरान एक प्रदर्शनकारी की मौत हो गई है। 30 वर्ष से लाल गौथांग सिंगरिट को झड़प के दौरान पुलिस की गोली से घायल होने पर ट्रीटमेंट के लिए अस्पताल ले जाया गया, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। हिंसा की वारदात में घायल हुए 25 लोगों को ट्रीटमेंट के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
कुकी जो काउंसिल ने प्रेस नोट जारी करते हुए आज भी हिंसा के लिए सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा है कि गवर्नमेंट को इस तरह का फैसला लागू करने पर पहले से ही हिंसा की आशंका का थी, लेकिन इसके बावजूद फ्री मूवमेंट शुरू किया गया। कुकी समुदाय की ओर से अपने इलाके में अनिश्चितकाल इन बंद का भी ऐलान किया गया है।