3 दशकों से पढ़ा रही अध्यापिका को नौकरी से निकाला- कोर्ट ने सुनाया फैसला

नई दिल्ली। सभी लोग अपना-अपना फिल्ड चुनते हैं। हर फिल्ड में कुछ ना कुछ समस्याओं को सामना करना पड़ता है। एक मामला महिला टीचर का सामने आया है। यूनिवर्सिटी प्रशासन ने अध्यापिका पर आरोप लगाते हुए उन्हें सस्पेंड कर दिया था। कोर्ट में मामला पहुंचने के बाद अदालत ने इस पर फैसला सुनाया।
मिली जानकारी के अनुसार ब्रिटेन के एक्सेटर यूनिवर्सिटी की एक एनेट नाम की अध्यापिका करीब तीन दशकों से फिजिक्स पढ़ाती थी, जिसकी उम्र करीब 60 साल है। यूनिवर्सिटी प्रशासन ने अध्यापिका पर बच्चों के साथ बुरा बर्ताव का आरोप लगाते हुए अध्यापिका को नौकरी से निकाल दिया। इसके बाद यह मामला अदालत पहुंच गया। अदालत ने दोनों पक्षों को सुना, जिसमें अध्यापिका ने कहा कि उसकी आवाज कुदरती रूप से ऐसी है और वह पता भी नहीं चलता की उसकी आवाज इतनी तेज हो जाती है। महिला ने कहा कि वह न्यूयॉर्क और जर्मनी में पढ़ा चुकी है, वहां पर कोई शिकायत नहीं हुई। अध्यापिका ने यह भी बताया कि वह तनाव होने की वजह से दवाईयां भी ले रही थी क्योंकि उन्हें पहले भी दो जगहों से सस्पेंड किया जा चुका था। कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद फैसला सुनाया कि अध्यापिका को यूनिवर्सिटी प्रशासन एक करोड़ रूपये मुआवजा दे।