संकट काल में शिक्षा का जज्बा-चाहिए था स्मार्टफोन-1.2 लाख में बेचें 12 आम

नई दिल्ली। कोरोना संकट काल को काफी समय हो गया है। इस संक्रमण ने चारों और हाहाकार मचा दिया। काफी लोग अपने परिवार से जुदा हो गये। इस कोरोना काल की घड़ी पढ़ाई बंद हो गई।
बच्चों के भविष्य को सुधारने के लिये उन्हें ऑनलाइन मंत्र अपनाया गया। इसमें सबके पास एंड्राॅइड मोबाइल होना जरूरी है। आखिर गरीब बच्चों के लिये इतना मंहगा फोन खरीदना काफी कठिन कार्य है। इस मामला ऐसा ही सामना आया है कि पढ़ाई के प्रति बच्ची को काफी लगन थी। उसको एंड्राॅइड मोबाइल चाहिए था, जिससे वह अपनी शिक्षा को ग्रहण कर सके और अपने मंजिल का पा सके।
लाॅकडाउन के इस दौर में कमाकर भी खरीदना काफी कठिन है। तुलसी के अंदर पढ़ाई का इतना जज्बा था कि वह चंद आम लेकर बेचने के लिये बैठ गई। इस दौरान एक ईश्वर के रूप में एक व्यापारी आया और 12 आम को 1.2 लाख रूपये खरीद लिया। बच्ची को एंड्राॅइड फोन दिलाया और एक साल का रिचार्ज कराया, जिससे वह अच्छी पढ़ाई कर सके। इससे यह पता चलता है कि बिना मेहनत और लगन के फल भी नहीं मिलता। अगर वह लड़की अपनी आर्थिक स्थिति के चलते अपने जज्बा को देखते हुए घुटने टेक देती तो वह अपनी पढ़ाई को जारी नहीं रख पाती।
तुलसी को ऑनलाइन पढ़ाई के लिये एक एंड्राॅइड फोन चाहिए था, जिसके लिये उसने कोरोना संक्रमण के इस दौर में लगे लाॅकडाउन में आम बेचने शुरू कर दिये। तुलसी को इस मोबाइल के लिये लगभग 10 हजार रूपये की आवश्यकता थी। गरीब छोटी बच्ची के लिये 10 हजार रूपये की रकम काफी थी। तुलसी को जरूरत से भी ज्यादा पैसे मिल गये, जिससे वह काफी अच्छी पढ़ाई कर सके।
वैल्यूएबल एडुटेनमेनर प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंध निदेशक एवं मुंबई के प्रभारी अमेया हेटे को तुलसी की पढ़ाई के प्रति जुनून पंसद आया। तुलसी द्वारा बेचने के लिये रखे गये आमों को व्यापारी ने 12 आम को 1.2 लाख रूपये में खरीद लिये। इतना ही नहीं बल्कि व्यापारी हेटे ने तुलसी को 13 हजार रूपये का एंड्राॅएड फोन दिलाया और इसके साथ-साथ एक साल का रिचार्ज भी सिम में कराकर दिया, जिससे उसकी पढ़ाई कोई प्राॅब्लम न हो।
बेटी तुलसी की व्यापार अमेया हेटे द्वारा सहायता किये जाने पर उसके पिता काफी खुश हो गये। तुलसी के पिता का कहना है कि इस संकट काल में अमेया हेटे उनके लिये ईश्वर के रूप में आये। अब उनकी बेटी तुलसी उन पैसों से अच्छी पढ़ाई कर सकेगी। इस दौरान बच्ची की मां ने अमेया हेटे का धन्यवाद अदा करते हुए कहा है कि तुलसी रूपये मिलने से बेहद खुश है अब उसे शिक्षा ग्रहण करने के लिये आम नहीं बेचने पडेंगे। इससे आगे उन्होंने कहा है कि उन्हें उम्मीद भी नहीं थी कि वह आम इतने मीठे होंगे की उसके जीवन में रोशनी पैदा कर देंगे। तुलसी की मां कभी नहीं चाहती थी कि आगे उसकी बेटी को आम बेचने पडे। तुलसी के माता-पिता का कहना है कि तुलसी काफी मेहनती और तेजतर्रार है। इसलिये वह उसे काफी पढ़ाना चाहते हैं।