नजर पडते ही टली दुर्घटना- फिल्मी अंदाज में सिपाही ने किया ऐसा काम

अलीगढ़। फिल्मी अंदाज में दिल्ली नंबर की कार में सड़क किनारे युवक को पकड़कर उसका अपहरण करके ले जा रहे बदमाशों के पीछे बाइक उठाकर दौड़े ट्रैफिक हेड कांस्टेबल ने अपनी जान की बाजी लगाकर किडनैप किए गए युवक को सुरक्षित बचा लिया। हेड कांस्टेबल की दिलेरी के आगे बदमाश मौका पाते ही अपनी कार को छोड़कर वहां से भागने को मजबूर हुए।
दरअसल यातायात विभाग में कार्यरत हेड कांस्टेबल जोगेंद्र पाल सिंह सोमवार की देर रात अपनी ड्यूटी पर मौजूद रहते हुए आते जाते वाहनों को नियंत्रित कर रहा था। इसी दौरान दिल्ली नंबर की कार लेकर आए तीन चार बदमाशों ने सड़क किनारे खड़े एक युवक को पकड़कर अपनी कार में बैठा लिया और हथियारों के दम पर जान से मारने की धमकी देते हुए मारपीट कर उसे वहां से ले जाने लगे। इसी दौरान ड्यूटी पर तैनात ट्रैफिक हेड कांस्टेबल जोगेंद्र पाल सिंह की नजर युवक का अपहरण करके ले जा रहे बदमाशों पर पड़ गई। बस फिर क्या था हेड कांस्टेबल ने अपनी बाइक युवक का अपहरण करके ले जा रहे बदमाशों के पीछे लगा दी और इस मामले की जानकारी कंट्रोल रूम को भी दे दी।
हेड कांस्टेबल ने काफी दूर तक पीछा करने के बाद बदमाशों की कार को ओवरटेक करते हुए अपनी बाइक को उनके आगे लगा दिया और किडनैप किए गए युवक को सुरक्षित बचा लिया। मौका पाते ही बदमाश हेड कांस्टेबल की दिलेरी के आगे नतमस्तक होते हुए अपनी गाड़ी को छोड़कर वहां से भागने को मजबूर हुए। किडनैप किए गए सिराज ने बताया है कि वह महुआ खेड़ा थाना क्षेत्र के सांगवान सिटी में रहने वाले बंटी दीक्षित की गाड़ी को चलाता था। कुछ दिन पहले उसने नौकरी को छोड़ दिया था और दूसरा काम कर रहा था। पिछले दिनों बंटी दीक्षित ने उसे बुलाया था और अपने परिवार को खुर्जा तक छोड़ने की बात कही थी।
उन लोगों ने इसके लिए उसे सिर्फ 200 रूपये का मेहनताना देने की बात कही थी तो सिराज ने कार लेकर जाने से इंकार कर दिया था। इस पर बंटी दीक्षित ने उसे देख लेने की बात कही थी। आरोप है कि बंटी सोमवार की देर रात को अपने तीन चार दोस्तों के साथ उसे अगवा करने आया था, लेकिन यातायात पुलिस के हेड कांस्टेबल की तत्परता के कारण वह बच गया।