मुश्किल में फंसते हुए दिखाई पड़ रहे हैं शाहनवाज राना - फिर लग गई तारीख

मुजफ्फरनगर। राना स्टील फैक्ट्री पर जीएसटी के छापे के दौरान जीएसटी अधिकारियों के साथ बदसलूकी के आरोप में दर्ज एफआईआर में जेल भेजे गए शाहनवाज राना के लिए मुश्किलें कम नहीं हो रही है। आज जिला जज की अदालत ने इस मामले को एमपी एमएलए कोर्ट में स्थानांतरित कर दिया। अभी इसमें अगली तारीख लग गई है।
गौरतलब है कि बीते दिनों पूर्व सांसद कादिर राना की वहलना चौक स्थित राना स्टील फैक्ट्री पर जीएसटी की टीम ने छापेमारी की थी। बताया जाता है कि जीएसटी टीम का आरोप है कि जिस समय टीम फैक्ट्री के अंदर पहुंची थी तो पूर्व विधायक शाहनवाज राना सद्दाम राना तथा कई अन्य ने जीएसटी टीम के साथ बदसलूकी की थी । जीएसटी टीम की तहरीर पर मुजफ्फरनगर के सिविल लाइन थाने में पूर्व विधायक शाहनवाज राना ,सद्दाम राना तथा कादिर राना की दो बेटियों सहित कई सौ लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई थी तथा शाहनवाज राणा और सद्दाम राणा को जेल भेज दिया गया था।
पूर्व विधायक शाहनवाज राना ने अदालत में अपनी जमानत की अर्जी लगाई थी। जिस पर 9 दिसंबर की तारीख तय कर दी गई थी। बताया जाता है कि जीएसटी की डिप्टी डायरेक्टर श्रेया गुप्ता के बयान के आधार पर पुलिस ने पहले छेड़छाड़ की धाराएं बढ़ाई थी तथा आज इसमें जानलेवा हमले की धारा भी बढ़ा दी गई है। जिला जज की कोर्ट में आज इस मामले की सुनवाई नहीं हुई और कोर्ट ने इस मामले को एमपी एमएलए कोर्ट में भेज दिया है। अब एमपी एमएलए कोर्ट में 11 दिसंबर को शाहनवाज राणा की जमानत अर्जी पर सुनवाई होगी लेकिन जिस तरह से पहले छेड़छाड़ और अब जानलेवा हमले की धाराएं शाहनवाज राणा पर बढ़ाई गई है उससे लगता है कि शाहनवाज राना की मुश्किलें कम नहीं होने वाली हैं।