पुलिस कर्मियों का वेतनमान बढ़ाने के परिजनों का विरोध प्रदर्शन

पुलिस कर्मियों का वेतनमान बढ़ाने के परिजनों का विरोध प्रदर्शन

देहरादून/नैनीताल । उत्तराखंड पुलिस में 20 वर्ष की सेवा कर चुके कर्मियों को पूर्व निश्चित 4600 रुपये वेतनमान (ग्रेड पे) को संशोधित कर उसे कम करने के सरकारी प्रस्ताव से क्षुब्ध कर्मियो के परिजनों ने रविवार को शांतिपूर्वक विरोध प्रदर्शन कर अपनी ताकत का अहसास कराया। प्रदर्शनकारियों को सभी राजनीतिक दलों और संगठनों ने भी अपना समर्थन व्यक्त किया।उत्तराखंड पुलिस में 20 वर्ष की सेवा कर चुके कर्मियों को पूर्व निश्चित 4600 रुपये वेतनमान (ग्रेड पे) को संशोधित कर उसे कम करने के सरकारी प्रस्ताव से क्षुब्ध कार्मिकों के परिजनों ने रविवार को शांतिपूर्वक विरोध प्रदर्शन कर अपनी ताकत का अहसास कराया। प्रदर्शनकारियों को सभी राजनीतिक दलों और संगठनों ने भी अपना समर्थन व्यक्त किया।

पूर्व घोषित कार्यक्रम अनुसार पुलिस कर्मियों के परिवार के सदस्यों ने रविवार को देहरादून और रुद्रपुर के गांधी पार्क और काशीपुर के अम्बेडकर पार्क में वेतन विसंगतियों के खिलाफ धरना दिया और प्रदर्शन किया। देहरादून में प्रदर्शनकारियों ने हाथों में अपनी मांग सम्बन्धी तख्तियां लेकर सचिवालय तक मार्च भी किया। इस प्रदर्शन के लिये सोशल मीडिया में लंबे समय से सूचनाएं प्रसारित हो रही हैं। साथ ही, राज्य के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) और सभी जिलों के अधीक्षकों की ओर से परिजनों को उनके विषय में शासन से वार्ता होने के दावे भी किये जा रहे थे। इसके बावजूद, बड़ी तादाद में पुलिस कर्मियों के परिजनों ने प्रदर्शन किए।

देहरादून में प्रदर्शनकारियों को जनरल ओबीसी कर्मचारी संघ और कांग्रेस सेवादल ने अपना समर्थन दिया, जबकि रुद्रपुर में भारतीय जनता पार्टी विधायक राजकुमार ठुकराल ने अपना समर्थन दिया। राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी मुख्यमंत्री बनने से पहले इस संदर्भ में तत्कालीन मुख्यमंत्री को मांग पूरी करने का पत्र सौंप चुके हैं।

आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि वेतन विसंगति के सम्बन्ध में शासन ने पूर्व में मई माह में ही एक तीन सदस्यीय समिति बना दी है। जिसकी आगामी 27 जुलाई को बैठक होना है। बताया जाता हैं कि संशोधित सुनिश्चित कैरियर प्रोन्नयन योजना (एमएसीपीएस) 2017 के आधार पर 10-20- 30 वर्ष की संतोषजनक सेवा के आधार पर पुुुलिस विभाग में प्रोन्नयन व्यवस्था की गई है। जिसके आधार पर 2400-2800- 4200 ग्रेड पे फिक्स किया गया है। इस मध्य इसमें 4200 के स्थान पर 4600 संशोधित किया गया।

जन संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी ने यूनीवार्ता को बताया कि पुलिस विभाग में 2800 ग्रेड पे यानी सहायक उप निरीक्षक का पद सृजित न होने के कारण अगले पद पर यानी उप निरीक्षक के पद पर पदोन्नयन किया जाना चाहिए। जिसका ग्रेड पे 4200 (अब 4600) सुनिश्चित है। उन्होंने बताया कि वित्त विभाग ने भी चार मई, 2018 को इस मामले को परिभाषित किया है। इसके साथ पुलिस महानिरीक्षक मुख्यालय द्वारा भी वर्ष 2013 में प्रमुख सचिव, गृह को प्रेषित पत्र में स्पष्ट उल्लेख किया है।

नेगी ने बताया कि वित्त विभाग ने पूर्व में कहा, "जहां संवर्ग के ढांचे में पदोन्नति के पद उपलब्ध नहीं हैं वहां धारित वेतनमान से अगला वेतनमान एसीपी के रूप देय होगा यानी उप निरीक्षक का ग्रेड पे मिलेगा।"

वार्ता

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