वेस्ट पेपर के नाम पर लाखों डकारने वाला लगा पुलिस के हाथ

मुजफ्फरनगर। पेपर मिल का मालिक और सप्लायर बनकर पेपर मिल मालिकों को लाखों रुपए का चूना लगाने वाला महाठग आखिरकार पुलिस के हत्थे चढ ही गया है। जिसके कब्जे से 25 लाख रूपए नकद, पांच मोबाइल, नो सिम कार्ड, एक बाइक और अन्य दस्तावेज बरामद किए गए हैं।
बुधवार को पुलिस लाइन के सभागार में आयोजित की गई प्रेस वार्ता में पेपर मिल मालिकों के साथ हुई धोखाधड़ी के मामलों का खुलासा करते हुए पुलिस अधीक्षक नगर सत्यनारायण प्रजापत ने बताया है कि स्वयं को पेपर मिल का मालिक बताकर मोबाइल के माध्यम से ऑनलाइन वेस्ट पेपर की डील करते हुए अन्य किसी स्थान पर माल उतरवाकर लाखों रुपए की धोखाधड़ी करने वाले महाठग को पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया गया है।

उत्तराखंड के जनपद देहरादून के थाना पटेल नगर की मदीना कॉलोनी का रहने वाला खालिद पुत्र अनवर खुद को पेपर मिल मालिक होना बताकर अन्य पेपर मिल मालिकों के साथ वेस्ट पेपर की सप्लाई सौदा करता था। डील पक्की होने के बाद वह किसी अन्य पेपर मिल से माल मंगवाकर दूसरे पेपर मिल में उतरवाकर उस वेस्ट पेपर के पैसे वसूल कर लेता था।

उन्होंने बताया है कि इस बाबत मुजफ्फरनगर के दो पेपर मिल मालिकों द्वारा पुलिस को तहरीर देकर शिकायत की गई थी। थाना नई मंडी कोतवाली क्षेत्र की चांदपुर पुलिया के पास से गिरफ्तार किए गए खालिद पुत्र अनवर ने पूछताछ के दौरान बताया है कि उसके द्वारा फर्जी आईडी पर सिम लेकर वेस्ट पेपर मिल मालिकों से रामा पेपर मिल का मालिक बनकर ऑनलाइन एवं मोबाइल के माध्यम से वह वेस्ट पेपर की डील करता था तथा बताए गए स्थान के बजाय किसी अन्य स्थान पर माल उतरवाकर कम दामों में उसे अलग-अलग जगह बेच देता था।
आरोपी फर्जी तरीके से बैंक में खाते खुलवाकर पैसों को उन खातों में डलवाने के बाद एटीएम से वह पैसे निकाल लेता था। एसपी सिटी ने महाठग को घेराबंदी कर गिरफ्तार करने वाले प्रभारी निरीक्षक थाना नई मंडी बबलू सिंह वर्मा तथा उनकी टीम में शामिल उपनिरीक्षक गजेंद्र सिंह, हेड कांस्टेबल सुशील कुमार, हेड कांस्टेबल इरफान अली, हेड कांस्टेबल योगेश कुमार, हेड कांस्टेबल सुमित त्यागी, कांस्टेबल कुलदीप, कांस्टेबल रोहित कुमार, कांस्टेबल विक्रम सिंह और कांस्टेबल हिमांशु की पीठ थपथपाते हुए पूरी टीम का उत्साहवर्धन किया है।