मंत्री आलमगीर ने 92 करोड़ के टेंडर के बदले लिया 1.23 करोड़ का कमीशन

मंत्री आलमगीर ने 92 करोड़ के टेंडर के बदले लिया 1.23 करोड़ का कमीशन

रांची। प्रवर्तन निदेशालय द्वारा मनी लांड्रिंग के मामले में गिरफ्तार किए गए झारखंड सरकार के ग्रामीण विकास विभाग के मंत्री आलमगीर आलम को लेकर बड़ा खुलासा करते हुए कहा है कि टेंडर कमीशन घोटाले में चीफ इंजीनियर से लेकर मंत्री तक का कमिश्नर फिक्स था और टेंडर से मिले कमीशन के रूपयों की बंदरबांट के लिए यह गैंग कोडवर्ड का इस्तेमाल करता था।

बुधवार को प्रवर्तन निदेशालय द्वारा मनी लांड्रिंग के मामले में अरेस्ट किए गए मंत्री आलमगीर आलम, संजीव लाल और उसके सहायक जहांगीर को अदालत में पेश किया गया है। जहां 14 दिनों की रिमांड अवधि पूरी होने के बाद पुलिस ने सभी को जेल भेज दिया है।

इस दौरान अदालत के सम्मुख प्रवर्तन निदेशालय द्वारा एक्सेल शीट के माध्यम से इनके द्वारा लिए जाने वाले कमीशन का पूरा ब्यौरा पेश किया है। अदालत को बताया गया है कि इस साल के जनवरी महीने में कुल 92 करोड़ रुपए के 25 टेंडर हुए थे। इन टेंडर के बदले मंत्री आलमगीर आलम को कमीशन के रूपयों में 1.3 करोड़ रुपए दिए गए थे।

प्रवर्तन निदेशालय द्वारा की गई छानबीन में पता चला है कि टेंडर से मिले कमीशन के रूपयों को बांटने के लिए इस सिंडिकेट के लोग कोड वर्ड का इस्तेमाल करते थे। जिसके चलते मंत्री आलमगीर के लिए H यानी आनरेबल मिनिस्टर और संजीव लाल के लिए S तथा टेंडर कमेटी के लिए TC एवं चीफ इंजीनियर के लिए CE जैसे कोड वर्ड ईजाद किए गए थे।

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