सेना की तरह हम भी मोर्चे पर- पीछे हटना हमारी डिक्शनरी में नहीं -राकेश

सेना की तरह हम भी मोर्चे पर- पीछे हटना हमारी डिक्शनरी में नहीं -राकेश

गाजियाबाद। नए कृषि कानूनों के विरोध में राजधानी दिल्ली के गाजीपुर बॉर्डर पर पिछले कई महीनों से धरना देकर बैठे किसानों को संबोधित करते हुए भाकियू प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा है कि आंदोलन से हम पीछे हटने वाले नहीं हैं। क्योंकि पीछे हटना हमारी डिक्शनरी में शामिल नहीं है। जिस तरह से मोर्चे पर हमारी सेना रहती है और दुश्मनों से लोहा लेते हुए गोलियां खाती है। ठीक उसी तरह हम भी मान सम्मान की लड़ाई के लिए मोर्चे पर बैठे हुए हैं और अधिकारों की लड़ाई लड़ रहे हैं।


बृहस्पतिवार को गाजीपुर बॉर्डर पर नए कृषि कानूनों के विरोध में आंदोलन चलाते हुए धरना दे रहे किसानों को संबोधित करते हुए भाकियू प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा है कि नए कृषि कानूनों के विरोध में चल रहे आंदोलन को आम जनता का समर्थन और उनकी भावनाएं आगे बढ़ा रही हैं। यह एक वैचारिक क्रांति है और जहां भी वैचारिक क्रांति आई है तो उससे परिवर्तन भी हुए हैं। उन्होंने कहा कि विचारों से बड़ा कोई हथियार नहीं है और हम विचारों की लडाई लड रहे है। इस समय देश पर कुछ लोगों ने कब्जा कर लिया है। जिन्हें देश की जनता, व्यापारियों, किसानों और मजदूरों से कोई लेना देना नहीं है। हैरानी की बात यह है कि देश का अन्नदाता किसान देश की राजधानी दिल्ली को चारों तरफ से घेर कर बैठे हुए हैं और सरकार उनकी समस्याओं के समाधान के लिए उनसे बात तक नहीं नहीं कर रही है। उन्होंने हुंकार भरी कि सरकार की इस चुप्पी के बाद भी किसान पीछे नहीं हटेगा।

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