अंतिम अमृत स्नान-नागा संतो ने लहराई तलवार और त्रिशूल- विदेशी भी संगम..

प्रयागराज। महाकुंभ 2025 के अंतर्गत बसंत पंचमी के आखिरी और तीसरे अमृत स्नान के प्रयागराज पहुंचे श्रद्धालु लगातार संगम में डुबकियां लगा रहे हैं। हाथों में तलवार, गदा और डमरू लेकर निकले अखाड़े के साधु संतों ने अपने कौशल दिखाते हुए तलवार और त्रिशूल लहराये है। पूरे शरीर पर भस्म भभूत लगाए संत घोड़े और रथ पर सवार होकर संगम स्नान के लिए पहुंच रहे हैं।
सोमवार को संगम नगरी हर हर महादेव और जयकारा वीर बजरंगी के जयघोष से गूंज रही है। हर हर महादेव का जय घोष करते हुए संगम पहुंचे साधु संतों ने रास्ते में अपने रण कौशल का प्रदर्शन करते हुए तलवार और त्रिशूल लहराये है।
पूरे शरीर पर भस्म और भभूत लगाकर घोड़े एवं रथ पर सवार होकर संगम पहुंच रहे साधु संतों की चरण रज लेने को श्रद्धालु किनारे पर कतार लगाकर खड़े हुए हैं।
विदेशी लोग भी बड़ी संख्या में अमृत स्नान के लिए संगम नगरी पहुंचे हैं और वह त्रिवेणी में डुबकियां लगाने के बाद साधु संतों का आशीर्वाद ले रहे हैं।
उधर पुलिस व्यवस्था बनाने में लगी हुई है, बीते स्नान से सबक लेने वाला प्रशासन आज कोई भी कोर कसर बाकी छोड़ना नहीं चाहता है।