मरीजो को नकली पेसमेकर लगाने के आरोप मे विभाग में तैनात डॉक्टर बर्खास्त

इटावा। जिले के सैफई मेडिकल यूनिवर्सिटी में हुए बहुचर्चित पेस मेकर घोटाले के मुख्य आरोपी डॉ.समीर सर्राफ को बर्खास्त कर दिया गया है।
सैफई मेडिकल यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो प्रभात कुमार ने सोमवार को यह जानकारी दी। कुमार ने बताया कि कार्डियोलॉजी विभाग में तैनात डॉ. समीर सर्राफ पर मरीजों को नकली पेसमेकर लगाने का आरोप है। सैफई मेडिकल यूनिवर्सिटी की 12 वीं कार्य परिषद की बैठक में कुलपति की अध्यक्षता में यह निर्णय लिया गया है। 18 सदस्यों ने पेस मेकर घोटाले के मुख्य आरोपी की बर्खास्तगी पर मुहर लगाई है।
हृदय रोगियों को नकली पेस मेकर लगाने के अलावा करीब एक करोड़ की अनावश्यक वस्तुओं की खरीद में घोटाले के साथ आयुष्मान कार्ड धारक मरीजों से नाजायज वसूली का भी आरोप है।
कार्डियोलॉजी विभाग में कार्यरत डॉ.समीर सराफ पर मरीजों से नकली पेसमेकर तय कीमत से अधिक कई गुना रेट पर मरीजों को लगाया था। जब इसकी शिकायत एक मरीज ने संस्थान के प्रशासन से की तो विश्वविद्यालय प्रशासन ने एक जांच कमेटी गठित की थी। जांच कमेटी ने भ्रष्टाचार पाया और तय कीमत से कई गुना अधिक कीमत वसूलने की अनियमितताएं पाई थी।
प्रशासन ने एक्सपर्ट की राज्य स्तरीय एक बड़ी जांच टीम गठित कर दी थी। वर्ष 2019 में करीब एक करोड़ मूल्य की अनावश्यक चीजें खरीदीं। इसमें लाखों रुपये की धांधली हुई। यह भी आरोप लगाया गया है कि डॉ. समीर सर्राफ ने कई पीड़ित मरीजों से धोखाधड़ी कर गलत पेसमेकर लगाया और अनुचित तरीके से अधिक मूल्य वसूला उसके बाद उन मरीजों की जान भी चली गई। आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत भर्ती हुए कुछ मरीजों से भी नाजायज वसूली की गई है।
आरोप है कि डॉक्टर समीर ने सपरिवार नियम विरुद्ध कई अनधिकृत विदेश यात्राएं भी कीं, जिनकी स्पॉन्सर्ड वह कंपनियां थीं जिनसे अनुपयोगी सामान की सप्लाई ली गई थी। पिछले साल नवंबर माह में डॉ.समीर सर्राफ को भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत गिरफ्तार कर लिया गया। जिसके बाद उनके निलंबन ओर अब बर्खास्तगी की कार्यवाही की गई।