महाकुंभ में उठी राम मुद्रा की डिमांड- बोले भारत में भी चले राममुद्रा

महाकुंभ में उठी राम मुद्रा की डिमांड- बोले भारत में भी चले राममुद्रा

प्रयागराज। संगम नगरी में आयोजित किये जा रहे महाकुंभ- 2025 में राम मुद्रा चलाने की डिमांड उठाई गई है। हिंदू राष्ट्र और सनातन बोर्ड के बाद राम मुद्रा की डिमांड उठाने वाले संतों ने कहा है कि भारत में भी राम मुद्रा प्रचलन में होनी चाहिए।

प्रयागराज में आयोजित किये जा रहे महाकुंभ- 2025 में अब हिंदू राष्ट्र और सनातन बोर्ड के बाद देश में राम मुद्रा चलाने की डिमांड उठाई गई है। साधु संतों की ओर से कहा गया है कि भारत में भगवान श्री राम के फोटो वाले नोट चलन में लाये जाने चाहिए।

उल्लेखनीय है कि भारत में राम मुद्रा चलाने की डिमांड दिवंगत पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के कार्यकाल के दौरान भी उठाई गई थी, उस समय डॉक्टर मनमोहन सिंह रिजर्व बैंक आफ इंडिया के गवर्नर थे।

देश में राम मुद्रा चलाने की डिमांड को लेकर उस समय रिजर्व बैंक आफ इंडिया ने अपने तर्क में कहा था कि भारत में दो तरह की मुद्राएं नहीं चलाई जा सकती है।

दरअसल जिस तरह से नीदरलैंड में भगवान श्री राम के फोटो वाली मुद्रा को डिजाइन करने एवं चलन में लाने के लिए डी ग्लोबल कंट्री ऑफ वर्ल्ड पीस नामक संस्था ने योगदान दिया है, उसी ने एक बार फिर से भारत में राम मुद्रा चलाने की डिमांड उठाई है।

इस संस्था से जुड़े बड़े अर्थशास्त्री राम मुद्रा चलाने की बाबत अब रिजर्व बैंक आफ इंडिया से मिलने का प्लान बना रहे हैं, उन्हें इस बात की पूरी उम्मीद है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार के कार्यकाल में देश में राम मुद्रा चलाने की मांग पर ध्यान दिया जा सकता है। वैसे राम मुद्रा हालैंड और जर्मनी समेत 30 देश में चल चुकी है।

Next Story
epmty
epmty
Top