चट बालिग पट ब्याह-रात भर किया बालिग होने का इंतजार-सवेरे शादी

चट बालिग पट ब्याह-रात भर किया बालिग होने का इंतजार-सवेरे शादी

लखनऊ। प्रेम प्रसंग को लेकर लैला मजनू, शीरी फरहाद और हीर रांझा जैसे अनेक अनगिनत किस्से इतिहास में दर्ज हैं। लेकिन 81 दिनों तक जेल में रहे प्रेमी ने अपनी प्रेमिका के बालिग होने का इंतजार किया। प्रेमिका के रात भर 18 साल की होने का इंतजार सवेरे समाप्त होते ही प्रेमी अपनी प्रेमिका के घर पहुंच गया। मामला थाने तक पहुंचने के बाद प्रेमी प्रेमिका ने सोमवार को कोर्ट पहुंचकर शादी रचा ली।

दरअसल माल थाना क्षेत्र के भगवंत खेड़ा निवासी लगभग 20 वर्षीय सुमित यादव की अपने ही पड़ोस की रितिका के साथ बचपन से ही दोस्ती थी। सुमित आठवीं कक्षा पास है और रितिका ने भी नौवीं क्लास उत्तीर्ण कर रखी है। दोनों के बीच प्रेम का बीज कब पनप गया इसके बारे में कोई भी बता नहीं पा रहा है। कई साल बाद जब दोनों के प्रेम की कहानी की जानकारी रितिका के परिजनों को हुई तो वह इस रिश्ते के विरोध में उतर गए। परिजनों के विरोध को देखकर दोनों प्रेमी प्रेमिका साथ जीने मरने की खाते हुए 19 अप्रैल की रात घर को छोड़कर निकल गए। दोनों ने अलीगंज के आर्य समाज मंदिर में पहुंचकर आधार कार्ड में दर्ज जन्मतिथि के आधार पर युवती को बालिग बताया। आधार कार्ड देखने के बाद आर्य समाज मंदिर के प्रमुख पुजारी ने दोनों की शादी करवा दी और इसका प्रमाण पत्र भी उन्हें दे दिया। मामला यहीं पर ही खत्म नहीं हुआ। इस मामले की जानकारी जब रितिका के परिजनों को हुई तो उन्होंने अपनी बेटी को नाबालिग बताते हुए माल थाने में सुमित के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया।

जहां अस्पताल द्वारा जारी जन्म प्रमाण पत्र के आधार पर पुलिस ने कार्यवाही करते हुए सुमित को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। 24 अप्रैल से लेकर सुमित को 81 दिनों तक जेल में रहना पड़ा। 3 दिन पहले ही अदालत द्वारा दी गई जमानत के बाद वह बाहर आया। अस्पताल से जारी जन्म प्रमाण पत्र के मुताबिक 17 जुलाई को रितिका की उम्र 18 साल होने वाली थी। जिसका उसने रात भर इंतजार किया। शुक्रवार की रात सुमित को नींद नहीं आई और दिन निकलते ही वह रितिका के घर पहुंच गया। उसने रितिका को पत्नी बताते हुए अपने साथ ले जाने की जिद की। इस पर दोनों के परिजनों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। हालात मारपीट तक पहुंच गए। इसी बीच पुलिस को सूचना मिल गई। मामले की जानकारी प्राप्त होते ही थाना प्रभारी राम सिंह अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उधर आशा ज्योति केंद्र की प्रशासनिक अधिकारी अर्चना सिंह भी अपनी टीम के साथ पहुंच गई। काफी देर तक दोनों पक्षों में बातचीत होती रही। वन स्टॉप सेंटर की प्रशासनिक अधिकारी अर्चना सिंह के मुताबिक थाने में कागजी कार्यवाही के बाद दोनों को आशा ज्योति केंद्र लाया गया। जहां दोनों की शादी को लेकर कागजी कार्यवाही पूरी की गई और सोमवार को दोनों को कोर्ट में ले जाकर विवाह करा दिया गया।

Next Story
epmty
epmty
Top