CAG रिपोर्ट में फॉरेस्ट फंड की बंदरबांट- खरीदे आईफोन एवं लैपटॉप
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देहरादून। नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक की रिपोर्ट में उत्तराखंड में फारेस्ट कंजर्वेशन फंड की बंदर बांट करते हुए इससे आईफोन एवं लैपटॉप खरीदने के साथ सजावटी सामान खरीदा गया। CAG की रिपोर्ट में हुए खुलासे के बाद अब राजनीति तेज हो गई है।
शनिवार को उत्तराखंड में फारेस्ट कंजर्वेशन फंड का इस्तेमाल आईफोन एवं लैपटॉप आदि खरीदने में किया गया है। नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक की रिपोर्ट में किए गए खुलासे में बताया गया है कि फॉरेस्ट एंड हेल्थ डिपार्टमेंट एवं वर्कर्स वेलफेयर बोर्ड की 2021-22 की रिपोर्ट में बताया गया है कि फंड का इस्तेमाल बिना किसी योजना और इजाजत के किया गया था।
नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक की यह रिपोर्ट उत्तराखंड विधानसभा के बजट सेशन के दौरान 21 फरवरी को सदन में रखी गई थी।
उत्तराखंड के वन मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा है कि उन्होंने अपने विभाग से संबंधित मामले की जांच के आदेश दिए हैं।
CAG की रिपोर्ट में कहा गया है कि वर्ष 2017 से लेकर वर्ष 2022 तक जो वृक्षारोपण किया गया था उसमें से सिर्फ 35% वृक्ष की जीवित रह पाए हैं। यह आंकड़ा फॉरेस्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट की गाइड लाइंस के मानकों से बहुत नीचे है। क्योंकि इंस्टिट्यूट के मुताबिक वृक्षारोपण के बाद 60-65% तक वृक्ष जीवित रहने चाहिए।