बुलंद हौसला-अटल इरादा-बुजुर्ग दंपत्ति ने कोरोना को हराया-लौटे घर

बुलंद हौसला-अटल इरादा-बुजुर्ग दंपत्ति ने कोरोना को हराया-लौटे घर

बुलंदशहर। मन के भीतर जीने का हौसला और किसी भी बीमारी या परेशानी से जूझने का अटल इरादा और साहस हो तो कोरोना संक्रमण जैसी महामारी को मात देकर स्वस्थ हुआ जा सकता है। लगभग 87 वर्षीय बुजुर्ग दंपत्ति ने कोरोना वायरस के संक्रमण को मात देकर घर लौटते हुए लोगों में कोरोना से मुकाबले की हिम्मत और जज्बा पैदा कर दिया है।

दरअसल दनकौर के डूंगरपुर रीलखा गांव के निवासी 87 वर्षीय राजेंद्र सिंह प्रधान और उनकी 85 वर्षीय पत्नी भूरो देवी पिछले दिनों कोरोना वायरस की चपेट में आकर संक्रमित हो गई थी। बताया जा रहा है कि बीते माह की 22 अप्रैल को दोनों पति-पत्नी को बुखार आया था। जिसके चलते दोनों का इलाज कराते हुए दवाइयां दी गई। लेकिन कोई आराम नहीं हुआ। एहतियात के चलते कराई गई कोविड-19 की जांच में दोनों बुजुर्ग दंपत्ति कोरोना संक्रमित पाए गए।

बुजुर्ग माता-पिता को उनके पुत्र सूरन प्रधान ने ग्रेटर नोएडा के एक निजी अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया। इस दौरान दोनों पति-पत्नी को दिल का दौरा भी पड़ गया। जिसके चलते परिजनों ने दोनों का जीवन बचने की आस छोड़ दी। कोविड-19 की गाइडलाइन की वजह से परिजनों के भीतर अंतिम समय में बुजुर्ग दंपत्ति की सेवा नहीं करने की बहुत ही कसक और बेचैनी थी। लेकिन मजबूरी के चलते वह पूरी तरह से बेबस थे।

इस दौरान परिजन को दोनों को एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल और फिर तीसरे अस्पताल में भर्ती कराने पर कुछ दिन बाद उन्हें राहत की सांस मिलती दिखाई दी। बुजुर्ग दंपत्ति के पुत्र सुरन प्रधान ने बताया कि ग्रेटर नोएडा के निजी अस्पताल प्रोमैक्स में उनके मित्र डॉ गुंजन ने माता पिता की बीमारी के विपत्ति काल में खासी मदद की। उनके अस्पताल में उन्हें एक प्राइवेट कमरा उपलब्ध कराया गया और समुचित इलाज इलाज की व्यवस्था से दोनों बुजुर्ग दंपत्ति की हालत में सुधार आता गया। बुधवार को 26 दिन अस्पताल में इलाज कराने के बाद जब दोनों बुजुर्ग दंपत्ति अपने घर वापस लौटे तो परिजनों ने बुजुर्ग दंपत्ति के कोरोना से जंग जीतकर घर आने पर काफी खुशी जाहिर की। घर के किशोर और युवाओं के साथ ग्रामीणों ने दोनों का स्वागत किया।

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