बीएसएससी की तीनों पालियों की परीक्षा हो रद्द.....

पटना। बिहार में सत्तारूढ़ महागठबंधन सरकार की सहयोगी भारत की कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी-लेनिनवादी (भाकपा-माले) ने बिहार कर्मचारी चयन आयोग (बीएसएससी) की प्रतियोगिता परीक्षा का प्रश्न-पत्र लीक होने के मामले पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए सरकार से तीन पालियों की परीक्षा को रद्द करने की मांग की है। भाकपा-माले राज्य सचिव कुणाल ने मंगलवार को बीएसएससी परीक्षा प्रश्न पत्र लीक मामले में गहरी चिंता व्यक्त की और कहा कि यह कोई पहला मामला नहीं है बल्कि
बिहार में प्रश्न पत्र लीक एक पैटर्न ही बनता जा रहा है। शायद ही कोई परीक्षा हो जिसमें इस तरह के मामले सामने नहीं आते हों। यह बिहार के छात्र-युवाओं के भविष्य के साथ घोर मजाक है। उन्होंने कहा, "हम बीएसएससी परीक्षार्थियों की मांग का समर्थन करते हुए तीनों पालियों की परीक्षा रद्द करने और नए तरीके से पारदर्शी परीक्षा लेने की मांग करते हैं।" कुणाल ने कहा कि परीक्षाओं में प्रश्न पत्र लीक के अलावा धांधली, अपारदर्शिता एवं भ्रष्टाचार आम बात हो गई है। कभी प्रश्न पत्र लीक होता है, कभी परीक्षा के बीच नियमावली बदल दी जाती है तो कभी न्यायालय में मामला उलझा दिया जाता है। इस तरह हर बहाली में बेमतलब का सालों का समय लगता है। बार-बार प्रयासों के बावजूद सातवें चरण की शिक्षक बहाली की प्रक्रिया अभी तक शुरू नहीं हो सकी है। यह समझ से परे है कि सरकार को शिक्षक बहाली की प्रक्रिया शुरू करने में क्या दिक्कत है। भाकपा-माले के राज्य सचिव ने कहा कि छात्र-युवा समुदाय रोजगार के लिए दिन-रात जीतोड़ मेहनत करते हैं लेकिन सरकार के इस रवैये के कारण उनके अंदर क्षोभ पनप रहा है। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी बिहार के युवाओं की मांगों के साथ पूरी तरह खड़ी है और उनके आंदोलन के हर तरह से समर्थन करती है।