अफसरों का बड़ा गड़बड़झाला- डकार गये करोड़ों का पशुओं का चारा

हरदोई। बिहार में हुए पशु चारा घोटाला मामले की तरह जनपद के अफसर भी छुटटा मवेशियों के लिए खरीदे जाने वाले भूसे में घालमेल करते हुए करोड़ों का चारा डकार गए हैं। स्थानीय निधि लेखा परीक्षा विभाग की ओर से इस पूरे मामले की रिपोर्ट मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी को भेजी गई है।
उत्तर प्रदेश में गोवंश के वध पर लगाए गए प्रतिबंध के बाद सड़कों पर छुट्टा घूमने वाले मवेशियों से किसानों को निजात दिलाने के लिए बनाई गई अस्थाई गौशालाओं में भूसा खरीदने के मामले को लेकर एक करोड़ 62 लाख रुपए से अधिक का घोटाला सामने आया है।
स्थानीय निधि लेखा परीक्षा विभाग ने इस पूरे मामले की रिपोर्ट मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी को भेजते हुए इस गोलमाल के लिए तत्कालीन खंड विकास अधिकारियों एवं पशु चिकित्सा अधिकारियों को जिम्मेदार माना गया है।
वर्ष 2020-21 में भूसा खरीद के भुगतान से जुड़े मामले को लेकर स्थानीय निधि लेखा परीक्षा विभाग का कहना है कि जनपद में बनाई गई अस्थाई गौशालाओं एवं वृहद गौशालाओं के भीतर रखे जाने वाले आवारा पशुओं के लिए भूसा खरीदा जाता है।
भूसे की यह खरीदारी गौशालाओं में बंद मवेशियों की संख्या के आधार पर की जाती है। भूसे का भुगतान करने से पहले संबंधित खंड विकास अधिकारी एवं पशु चिकित्सा अधिकारी द्वारा संयुक्त रूप से पहले पशुओं की संख्या समेत अन्य बिंदुओं का सत्यापन किया जाता है। इसके बाद भूसे का भुगतान होता है।
लेकिन स्थानीय निधि लेखा परीक्षा विभाग द्वारा जारी की गई गोपनीय रिपोर्ट के मुताबिक जनपद हरदोई में स्थापित 40 गौशाला में भूसा खरीद के नाम पर 41 भुगतानों में अनियमितता पाई गई है, जिसके चलते एक करोड़ 62 लाख 36 हजार 672 रुपए के अनियमि भुगतान की पुष्टि हुई है।